उत्तराखंड CM पुष्कर धामी की चार साल में 4332 घोषणाओं में 2444 पूरी, 345 को वापस लेना पड़ा
उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी का कार्यकाल साढ़े चार साल का हो चुका है। इस दौरान सीएम धामी ने कुल 4332 घोषणाएं की और 2444 को धरातल पर उतारा। इनमें 345 घोषणाएं वापस भी लेनी पड़ीं।

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पिछले साढ़े चार वर्षों में की गई विकास घोषणाओं की समीक्षा में बड़ा आंकड़ा सामने आया है। कुल 4332 घोषणाओं में से अब तक 2444 पर शासनादेश (जीओ) जारी हो चुके हैं, जबकि 417 घोषणाएं अभी भी अधूरी हैं और 345 योजनाओं को विभिन्न कारणों से वापस लेना पड़ा है।
सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में यह तस्वीर सामने आई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को लंबित घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जिन योजनाओं किसी तकनीकी, व्यावहारिक वजह से पूरा करना संभव नहीं हो, उन्हें विलोपित करने का प्रस्ताव 15 दिन के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा प्रकोष्ठ को सौंप दिया जाए।
बैठक में भूमि की उपलब्ध न होने के मामलों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधि, विधायक, डीएम समन्वय कर तय करें कि संबंधित योजना को पूरा करना है या नहीं। अंतरविभागीय विषयों को पररस्पर समन्वय के साथ सुलझाया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, एसएन पांडेय, एसए अद्दांकी, विनोद कुमार सुमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, अहमद इकबाल, मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र आदि मौजूद रहे।
किस विभाग में कितनी घोषणाएं पूरी
सबसे ज्यादा 90 घोषणाएं लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) में वापस लेनी पड़ीं। इसके पीछे डबल कनेक्टिविटी और पीसीयू मानकों से जुड़ी बाधाएं बताई गईं। इसके अलावा शिक्षा विभाग में 55 और सिंचाई विभाग में 45 घोषणाएं पूरी नहीं हो सकीं।
ये मिले निर्देश
शिक्षा विभाग केवि के लिए सरकारी जमीन न मिलने पर निजी अथवा वन भूमि का प्रस्ताव भी देगा। सड़क निर्माण, अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित पूरे होने वाले सभी कार्यों के जीओ जारी कर दिए जाएं। पेयजल योजनाओं पर 20 दिन के भीतर निर्णय लिया जाए कि कौन से काम पूरे हो सकते हैं और कौन से नहीं। सभी जिलों में राज्य संपत्ति, लोनिवि के गेस्ट हाउस बनाए जाएं। नए गेस्ट हाउस के निर्माण के प्रस्ताव सरकार को दें।
बरसात से पहले पूरे हों कुंभ के सभी काम: धामी
मुख्यमंत्री ने बताया कि कुंभ से जुड़े सभी काम समय पर पूरे कराने के लिए टाइमलाइन तय की गई है। शासन स्तर पर बेहतर समन्वय के लिए मुख्य सचिव से भी चर्चा की गई है। जहां भी बाधा आ रही है, उसे आपसी तालमेल से दूर कर गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा भी जल्द शुरू होने वाली है और उसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2027 का कुंभ मेला भव्य और दिव्य रूप में हो। इसके लिए सामाजिक-धार्मिक संगठनों और संत समाज से नियमित परामर्श लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दून में भी कुंभ तैयारियों की नियमित समीक्षा हो रही है। जरूरत पड़ने पर वे स्वयं हरिद्वार आकर जायजा लेते रहेंगे।
बसपा संस्थापक स्वर्गीय कांशीराम को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय भारत सरकार के स्तर पर लिया जाता है। यदि ऐसी मांग उठ रही है तो निश्चित रूप से उसका संज्ञान लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभर में जहां-जहां चुनाव हो रहे हैं, वहां जनता डबल इंजन सरकार को प्राथमिकता दे रही है। केंद्र और राज्य सरकारें एक-दूसरे की जरूरत के अनुसार सहयोग कर विकास का बेहतर मॉडल पेश कर रही हैं।
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