Uttarakhad Primary Teacher Secured Job at under Age Now Faces Threat of Disciplinary Action 18 साल से कम थी उम्र, 40 साल की नौकरी के बाद खुला राज; प्राइमरी टीचर पर ऐक्शन की तलवार, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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18 साल से कम थी उम्र, 40 साल की नौकरी के बाद खुला राज; प्राइमरी टीचर पर ऐक्शन की तलवार

उत्तराखंड के कोटद्वार में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के एक टीचर पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जांच के बाद खुलासा हुआ है कि ज्वाइनिंग के समय टीचर की उम्र 18 साल से कम थी। आरोपी शिक्षक 40 साल की सेवा पूरी कर चुका है। अब शिक्षक पर नौकरी जाने के साथ वित्तीय वसूली का संकट मंडरा रहा है।

Fri, 17 April 2026 11:05 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, देहरादून
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18 साल से कम थी उम्र, 40 साल की नौकरी के बाद खुला राज; प्राइमरी टीचर पर ऐक्शन की तलवार

उत्तराखंड के कोटद्वार में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के एक टीचर पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जांच के बाद खुलासा हुआ है कि ज्वाइनिंग के समय टीचर की उम्र 18 साल से कम थी। आरोपी शिक्षक 40 साल की सेवा पूरी कर चुका है। अब शिक्षक पर नौकरी जाने के साथ वित्तीय वसूली का संकट मंडरा रहा है।

कोटद्वार के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बालकनगर में तैनात प्राइमरी शिक्षक नफीस अहमद पर नियम विरुद्ध तरीके से नौकरी पाने का आरोप लगा है। भर्ती के समय शिक्षक की उम्र 18 साल से कम थी। यह राज तब खुला जब आरोपी 40 साल की सेवा पूरी कर चुका था। खास बात ये है कि आरोपी शिक्षक को 2023 में प्रतिष्ठित शैलेश मटियानी पुरस्कार भी मिल चुका है। अब शिक्षक पर नौकरी और पुरस्कार वापसी के साथ वित्तीय वसूली का संकट मंडरा रहा है।

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दो वर्ष की सेवा शेष

आरोप की विभागीय जांच होने पर पुष्टि हुई कि नियुक्ति के समय उनकी आयु मानक से कम थी। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी,पौड़ी ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कंचन देवराड़ी को रिपोर्ट भेज दी। देवराड़ी ने बताया कि शिक्षक की नियुक्ति अविभाजित यूपी के समय हुई थी। मामले में सभी कानूनी पहलुओं पर विधिक राय लेने के बाद कार्रवाई करेंगे। नफीस की दो वर्ष की सेवा शेष है और उन पर कार्रवाई की लटक रही है।

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नियुक्ति के समय 4 माह 19 दिन कम थी उम्र

इस मामले में स्थानीय पार्षद विपिन डोबरियाल ने शिकायत दर्ज कराई कि नफीस अहमद की नियुक्ति 1985 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन नियमों के तहत हुई थी। इसमें शिक्षक बनने के लिए न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष होना जरूरी था। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि नियुक्ति के समय नफीस अहमद की उम्र 17 साल सात माह और 11 दिन थी। तकनीकी रूप से 18 साल पूरे होने में चार माह 19 दिन कम होने के बावजूद वह सरकारी शिक्षक बन गए।

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