उत्तराखंड में आंधी-तूफान का कहर, 2 भाइयों की मौत; 45 से ज्यादा पर्यटक बचाए गए
उत्तराखंड में शुक्रवार शाम को आंधी-तूफान ने कहर बरपाया। तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र के चंद्रशिला में आकाशीय बिजली गिरने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। राहत एजेंसियों ने वहां फंसे 45 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित निकाला। इनमें से तीन लोग घायल हैं। राज्य के कई इलाकों में बिजली-पानी की आपूर्ति ठप हो गई है।

उत्तराखंड में शुक्रवार शाम को आंधी-तूफान ने कहर बरपाया। तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र के चंद्रशिला में आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ से आए दो सगे भाइयों की मौत हो गई। खराब मौसम में वहां फंसे 45 से अधिक पर्यटकों को राहत एजेंसियों ने सुरक्षित निकाला। इनमें से तीन घायल हैं।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे तुंगनाथ-चोपता क्षेत्र में मौसम बिगड़ने से कई पर्यटक फंस गए थे। प्रशासन ने डीडीआरएफ और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया। टीम के पहुंचने से पहले ही आकाशीय बिजली गिरने से लखनऊ निवासी 19 साल के अभिनव वाजपेयी की मौत हो गई। हादसे में घायल उसके बड़े भाई 22 साल के अभिषेक वाजपेयी की भी अस्पताल में मौत हो गई। वहीं, उन्नाव निवासी 25 साल के शुभम शुक्ला, आजन मिश्रा और नीव मिश्रा घायल हैं। उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ भेजा गया है।
ऊखीमठ के थाना प्रभारी मनोज नेगी ने लखनऊ निवासी भाइयों की मौत की पुष्टि की है। इस बीच, प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि प्रतिकूल मौसम में ऊंचाई वाले क्षेत्रों और ट्रेकिंग मार्गों पर जाने से बचें।
बिजली-पानी की आपूर्ति ठप
प्रदेश में अंधड़ और बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। पौड़ी, टिहरी, कोटद्वार समेत कई क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित रही। रुड़की में 200 से अधिक पेड़ गिरने और 80 से ज्यादा बिजली के खंभे टूटने से पूरी रात बिजली गुल रही। हरिद्वार में भी कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति प्रभावित हुई। विकासनगर क्षेत्र में 73 बिजली पोल क्षतिग्रस्त हुए और साढ़े चार किमी लाइन को नुकसान पहुंचा। ऋषिकेश में 50 से अधिक पेड़ गिरे, जबकि शहर में करीब 16 घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही। मसूरी और दून में भी नुकसान हुआ।
हाईवे पर पेड़ गिरने से तीन घंटे बाधित रहा ट्रैफिक
तूफान से हाईवे पर जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दमकल विभाग की टीम को जानकारी दी। दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ों को टुकड़ों में काटकर हाईवे किनारे किया। इसके बाद करीब तीन घंटे बाद यातायात सुचारू हो पाया और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
गुरुवार की रात आए तूफान से रुड़की-देहरादून रोड राजमहल होटल के पास, मिलिट्री अस्पताल रुड़की, गणेशपुर गंगनहर किनारे, नगला इमरती और ढंडेरा फाटक, लकसर रोड, रुडकी किनारे खड़े भारी-भरकम पेड़ भी गिर गए। जिसस हाईवे पूरी तरह से बाधित हो गया। हाईवे पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी ली। इस पर पुलिस ने सूचना रुड़की दमकल विभाग की टीम को दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पेड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर हाईवे किनारे करने काम शुरू किया। इस दौरान टीम को पेड़ों को हटाने में करीब तीन घंटे का समय लगा, जिसके बाद यातायात सुचारू हो पाया।
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