Step father and uncle acquitted in rape cases as victims turns hostile in court रेप के दो मामलों में सौतेला पिता और सगा चाचा बरी, कोर्ट में पीड़िता मुकरी, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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रेप के दो मामलों में सौतेला पिता और सगा चाचा बरी, कोर्ट में पीड़िता मुकरी

देहरादून में रेप के दो अलग-अलग मामलों में सौतेला पिता और सगा चाचा बरी हो गए। कोर्ट में पीड़ित पक्ष आरोपों से पलट गए। एक केस में पीड़िता ने बताया कि उनसे कागज पर अंगूठा लगवाकर पुलिस ने अपनी कहानी बुनी।

Sun, 21 Dec 2025 12:39 PMGaurav Kala देहरादून
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रेप के दो मामलों में सौतेला पिता और सगा चाचा बरी, कोर्ट में पीड़िता मुकरी

देहरादून में रेप के दो अलग-अलग मामलों में सौतेला पिता और सगा चाचा कोर्ट से बरी हो गए। पहले केस में विशेष सत्र न्यायालय (पॉक्सो) ने अपनी सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म और मारपीट करने के आरोपी पिता को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। मामले में मुख्य गवाह रही पीड़िता और उसकी मां (शिकातकर्ता) अदालत में अपने पिछले बयानों से मुकर गईं। दूसरे मामले में पीड़िता की मां ने हलफनामा दायर किया कि बेटी ने जमीन के लालच में झूठा केस किया है।

पहले मामले की बात करें तो कोर्ट ने आरोपी पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया, जिसके बाद आरोपी को बरी करने का आदेश जारी किया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, मामला फरवरी 2023 का है जब सेलाकुई क्षेत्र निवासी एक महिला ने तहरीर दी थी कि उसका दूसरा पति जुलाई 2020 से उसकी नाबालिग बेटी के साथ गलत काम कर रहा है। विरोध करने पर आरोपी गाली-गलौज और मारपीट करता था।

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कोर्ट में कहा- पुलिस ने अंगूठा लगवाकर अपनी कहानी बुनी

पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) रजनी शुक्ला की अदालत में पीड़िता और उसकी मां ने चौंकाने वाले बयान दिए। पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि मेरे पिता नशा करते हैं और घर में मारपीट करते थे, इसलिए पुलिस को शिकायत की थी। उन्होंने मेरे साथ कभी कोई गलत काम नहीं किया। मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान पुलिस के दबाव में दिए थे। पीड़िता की मां और बहन ने भी आरोपी के पक्ष में गवाही दी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने केवल मारपीट की शिकायत पर अंगूठा लगवाया था और तहरीर में क्या लिखा था, उन्हें नहीं पता।

भतीजी के साथ दुष्कर्म के आरोप सिद्ध नहीं हुए

वहीं, देहरादून में एक अन्य मामले में अदालत ने सगे चाचा पर सात साल तक दुष्कर्म करने व चाची पर डराने-धमकाने के आरोपों को साबित न होने पर दोनों को दोषमुक्त कर दिया है। पीड़िता की मां-बहन द्वारा बचाव पक्ष में गवाही देने और मेडिकल जांच से इनकार करने से अभियोजन का पक्ष कमजोर पड़ गया।

प्रेमनगर थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया था कि वह 2014 में 16 साल की थी, तब से उसका चाचा उससे दुष्कर्म कर रहा था। आरोप था कि चाची उसे बहाने से बुलाती थी और विरोध करने पर धमकाती। पीड़िता की शादी 2019 में हुई। उसने पति को आपबीती सुनाई फिर मुकदमा दर्ज कराया गया। मुकदमे में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब पीड़िता की अपनी मां और बहन ने कोर्ट में अभियुक्त (चाचा) का बचाव किया। मां ने हलफनामा देकर कहा कि उसका देवर निर्दोष है और बेटी ने जमीन के लालच में झूठा केस किया है।

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