उत्तराखंड के पौड़ी में स्कूल आते-जाते बच्चों को मिलेगी सुरक्षा, तेंदुए के हमले में बच्ची की मौत के बाद फैसला
पौड़ी गढ़वाल में 4 साल की बच्ची को मारने वाला तेंदुआ नरभक्षी घोषित किया गया है। सोमवार तक स्कूल बंद हैं। स्कूल खुलने पर आने-जाने पर बच्चों को सुरक्षा दी जाएगी।

उत्तराखंड के पहाड़ों में जंगली जानवरों का खौफ खत्म नहीं हो रहा है। हाल ही में पौड़ी के पोखड़ा के भतकोट में गुलदार ने चार साल की मासूम बच्ची को निवाला बना लिया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में गुस्सा है। अब सरकार के आदेश पर इलाके में ऐक्टिव गुलदार को मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने नरभक्षी घोषित कर दिया है। दूसरी तरफ मारे खौफ के सोमवार तक इलाके के 10 स्कूलों को बंद रखा गया है। साथ ही आदेश है कि जिले में स्कूल आने-जाने के लिए बच्चों को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
पोखड़ा के भतकोट गांव में बीते गुरुवार को गुलदार ने चार साल की मासूम को मार डाला था। तब से वन विभाग की टीमें यहां डेरा डाले हुए हैं। गुलदार के खौफ को देखते हुए पोखड़ा के साथ ही बीरोंखाल ब्लाक के 10 स्कूल शनिवार को बंद रहे। इन स्कूलों को सोमवार तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे।
स्कूल खुलते ही बच्चों को सुरक्षा करेगी वन और राजस्व की टीमें
डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव ने बताया कि स्कूल खुलते ही बच्चों की सुरक्षा के लिए वन और राजस्व की टीमें लगाई जाएंगी। गुलदार पर नजर रखने के लिए कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं और ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही यहां तीन पिंजरें भी लगाएं और दो विभागीय शूटर भी तैनात किए गए हैं। जरूरत पड़ी तो प्राइवेट शूटरों की भी तैनात किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्र में विभागीय टीमें गश्त कर रही हैं। डीएफओ ने बताया कि ग्रामीणों के मवेशियों के लिए चारा पत्ती की भी व्यवस्था की जा रही है।
कांग्रेस चीफ पीड़ित परिवार से मिले
शनिवार को कॉग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पोखड़ा के भतकोट गांव पहुंचे और यहां प्रभावित परिवार को ढांढस बंधाया। बीते गुरुवार को भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की चार साल बेटी को गुलदार ने मार दिया था। इसके बाद से क्षेत्र में गुलदार की दहशत बनी हुई है। गोदियाल ने कहा है कि सरकार वन्य जीवों के हमलों पर अंकुश लगाने के लिए कोई कारगर नीति बनाने में असफल साबित हुई है, इसी का परिणाम है कि लोग आज दहशत में जी रहे हैं।
बीते सितंबर से गुलदार के हमले की 8 घटनाएं
हिन्दुस्तान से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने कहा कि एक छोटी सी जगह पर गुलदार की बीते सितंबर से ही करीब 8 घटनाएं सामने आ चुकी है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। वहीं दूसरी तरफ सरकार किसी तरह का जिम्मेदारी नहीं ले रही और वन्य जीवों के हमलों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस नीति नहीं बना पा रही है। इससे समुचे प्रदेश में वन्य जीवों के हमले से लोग आहत है और अपनी जान गांव रहे है।
खंड तल्ला में भालू के आतंक से दहशत
दूसरी तरफ पौड़ी में ही थलीसैंण ब्लाक के दूरस्थ गांव खंड तल्ला में एक बार फिर से भालू ने गोशाला तोड़कर मवेशी को मार डाला। क्षेत्र में पिछले करीब 20 दिनों से भालू की दहशत बनीं हुई है। भालू ने अभी तक तीन मवेशियों को मार दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू की दहशत से निजात दिलाने की मांग उठाई है। थलीसैंण ब्लाक के खंड तल्ला के लोग इन दिनों भालू की दहशत में जीने को मजबूर है। टीला के जिला पंचायत सदस्य डॉ. शिवचरण नौडियाल, ग्राम प्रधान संदीप नेगी ने बताया कि बीती शुक्रवार रात को भालू ने पशुपालक पिंकी देवी की गोशाला के दरवाजे तोड़ गाय को मार डाला, जबकि दूसरे घायल कर दिया।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन