SC clears Chillarkhal route, distance to be reduced by 65 km, but with a major condition कोटद्वार-हरिद्वार सफर होगा आसान, 65 Km की बचत; SC ने सड़क को दी हरी झंडी, लेकिन रखी बड़ी शर्त, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

कोटद्वार-हरिद्वार सफर होगा आसान, 65 Km की बचत; SC ने सड़क को दी हरी झंडी, लेकिन रखी बड़ी शर्त

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने पहले के स्टे आदेश में बदलाव करते हुए उत्तराखंड में 11.5 किलोमीटर लंबी लालढांग-चिल्लरखाल सड़क के डामरीकरण को मंजूरी दे दी। इस फैसले से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी।

Fri, 13 Feb 2026 07:41 AMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
share
कोटद्वार-हरिद्वार सफर होगा आसान, 65 Km की बचत; SC ने सड़क को दी हरी झंडी, लेकिन रखी बड़ी शर्त

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने पहले के स्टे आदेश में बदलाव करते हुए उत्तराखंड में 11.5 किलोमीटर लंबी लालढांग-चिल्लरखाल सड़क के डामरीकरण को मंजूरी दे दी। इस फैसले से बड़ी आबादी को राहत मिलेगी। हालांकि अदालत ने एक शर्त भी रखी है, ताकि वन्यजीव कॉरिडोर में मौजूद पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं को सुरक्षा प्रदान की जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने अपना आदेश पलटा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन के लिए सड़क परियोजना पर रोक वाले अपने 11 जनवरी, 2023 के आदेश में बदलाव किया। इस परियोजना में चमारिया मोड़ से सिगड़ी सोत क्षेत्र तक पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील 4.5 किलोमीटर का हिस्सा भी शामिल है।

ट्रक और डंपर नहीं चलाने की रखी शर्त

यह जिम कॉर्बेट पार्क व राजाजी पार्क को जोड़ने वाला एकमात्र वन्यजीव कॉरिडोर है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि जंगल के पेड़-पौधों और जानवरों को बचाने के लिए यह जरूरी है और कोर्ट 11.5 किमी के इस हिस्से पर ट्रक व डंपर चलने की इजाजत नहीं देगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कर्नल के बेटे की मां ने कराई थी हत्या, मुठभेड़ के बाद शूटर और माता समेत 5 अरेस्ट
ये भी पढ़ें:52 महीने जेल में बिताए, अब कोर्ट ने रेप के आरोपी को किया बरी, पीड़िता के बयान…
ये भी पढ़ें:रांची में पल रहा ISIS कट्टरपंथ? NIA ने खोली आतंकी नेटवर्क की परतें

65 Km तक की दूरी हो जाएगी कम

राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि सड़क के डामरीकरण से कॉमर्शियल वाहनों के लिए कोटद्वार-हरिद्वार के बीच दूरी 65 किमी कम हो जाएगी। हालांकि यह भी भरोसा दिलाया कि परियोजना को मंजूरी देने के लिए सरकार कोर्ट की हर शर्त मानेगी।

कॉमर्शियल वाहनों पर रहेगी पाबंदी

इस सड़क पर कॉमर्शियल वाहन नहीं चलेंगे। ये वाहन यूपी का रास्ता अपनाएंगे। मामले में याचिका दाखिल करने वाले वकील गौरव बंसल का कहना है कि उनकी चिंता सिर्फ कॉमर्शियल वाहनों को लेकर थी। इससे इलाके के वन्यजीवों पर असर पड़ेगा। गांव वालों के लिए पक्की सड़क का उन्होंने कभी विरोध नहीं किया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।