52 महीने जेल में बिताए, अब कोर्ट ने रेप के आरोपी को किया बरी; पीड़िता के बयान निकले…
न्यायिक हिरासत में रहकर ट्रायल फेस कर रहा सोनाहातू निवासी हारू मुखर्जी को अपर न्यायायुक्त एके तिवारी की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

झारखंड की जेल में करीब 4 साल 4 महीने से न्यायिक हिरासत में बंद रेप के आरोपी को बरी कर दिया गया है। अदालत ने आरोपी के ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह सही नहीं पाया है। आरोपी को सबूतों के अभाव में बरी किया गया है। न्यायिक हिरासत में रहकर ट्रायल फेस कर रहा सोनाहातू निवासी हारू मुखर्जी को अपर न्यायायुक्त एके तिवारी की अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
पीड़िता के बयान निकले विरोधाभासी
आरोपी को उक्त आरोप में सोनाहातू पुलिस ने 4 अक्तूबर 2021 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, तब से वह जेल में ही था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए थे। इनमें पीड़िता, उसके पति, पड़ोसी तथा अनुसंधानकर्ता शामिल थे। पीड़िता के बयान में भी कई विरोधाभास पाया गया।
फटे कपड़ों का कोई सबूत नहीं मिला
कथित रूप से फटे कपड़ों का कोई साक्ष्य जब्त नहीं किया गया और मेडिकल जांच भी नहीं कराई गई। यह मामला 27 अगस्त 2021 का है। पीड़िता ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि 25 अगस्त 2021 को आरोपी शराब के नशे में उसके घर में घुस आया, गाली-गलौज की, मारपीट की और दुष्कर्म का प्रयास किया। घटना को लेकर सोनाहातू थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
एचईसी क्षेत्र में बच्चों के लगातार लापता होने की घटनाओं को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। जेपी मार्केट निवासी 17 वर्षीय प्रिंस कुमार इसी महीने 3 फरवरी को दोपहर 2:30 बजे से लापता है। सूचना मिलने पर बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक मिंटू पासवान और दिलीप कुमार ने प्रिंस के परिजनों से मुलाकात की और मोहल्ले के लोगों के साथ विधानसभा थाना प्रभारी गणेश यादव से मिलकर बच्चे की बरामदगी को लेकर की जा रही कार्रवाई की जानकारी ली।
थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि जल्द ही प्रिंस कुमार को खोज लिया जाएगा। इस दौरान आसपास के लोग भी परिजनों के घर एकत्र हुए और एकजुटता जताई। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन शीघ्र बच्चे को बरामद नहीं कर पाता है तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड व प्रमाण पत्र के अनुसार, प्रिंस की उम्र 17 वर्ष है, जबकि सनहा में 18 वर्ष दर्ज किया गया है। इससे पूर्व भी इसी क्षेत्र में अंश-अंशिका के लापता होने का मामला सामने आया था, जिसे जनआंदोलन के बाद 13 दिनों में मुक्त कराया गया था।




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