मंत्रिमंडल विस्तार के बाद धामी कैबिनेट की पहली बैठक, पूर्व सैनिक और अग्निवीरों के लिए बड़े फैसले
Pushkar Dhami Cabinet: देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर राज्य के पूर्व सैनिकों, किसानों, शिक्षकों और युवाओं पर पड़ेगा।

Pushkar Dhami Cabinet: मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पुष्कर धामी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई। इसमें कुल 16 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी दी है। इस मौके पर सीएम धामी ने मिडिल ईस्ट में जंग के कारण मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने पर जोर दिया।
बुधवार को देहरादून में राज्य कैबिनेट की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान वैश्विक परिस्थितियों के बीच राज्य की रणनीति और तैयारियों पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों के सामने सभी मुद्दों को रखा है। उन्होंने कहा, “यह एक वैश्विक संकट है, ऐसे समय में हमें मिलकर काम करना होगा। हम इस चुनौती का भी सामना करेंगे और आगे बढ़ेंगे।”
पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला
कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ को मंजूरी दी है। इसके तहत उद्योग स्थापित करने पर पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी, जिससे उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। कैबिनेट ने पीएम सूर्या घर योजना के तहत सब्सिडी को लेकर चल रहे विवाद को खत्म कर दिया है। अब 31 मार्च 2025 तक लगाए गए सभी प्लांट्स को सब्सिडी का लाभ मिलेगा।
न्यायिक अधिकारियों को सस्ता लोन
राज्य सरकार ने न्यायिक अधिकारियों को वाहन खरीदने के लिए 4% ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का लोन देने का फैसला किया है। कैबिनेट ने निजी समाप्ति वसूली अधिनियम की नियमावली को मंजूरी दी है। इसके तहत सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से अब सख्ती से वसूली की जाएगी।
भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव
पुलिस, वन और आबकारी विभागों में भर्ती पुरानी नियमावली से ही की जाएगी। सिपाही और दरोगा भर्ती में उम्र और हाइट के पुराने नियम लागू रहेंगे। नए नियम 2029 से लागू होंगे। अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों को उनकी पुरानी सेवा का लाभ देने के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है।
किसानों के लिए राहत
राज्य सरकार ने गेहूं खरीद के लिए 2558 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की है। साथ ही मंडियों को निर्देश दिया गया है कि वे 2% से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। वन विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए अब 22 साल की सेवा पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बनाया जाएगा, जबकि पहले इसके लिए 25 साल की सेवा अनिवार्य थी।
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