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गैस कंपनियों के वादे की सच्चाई! देहरादून में 25 नहीं 32 दिन बाद मिल रहा दूसरा सिलेंडर

LPG Booking: देहरादून में एलपीजी संकट गहरा गया है। देहरादून में 25 नहीं 32 दिन बाद दूसरा सिलेंडर मिल रहा है। हालात इतने बुरे हो गए हैं कि प्रवासी अपने घर लौटने लगे हैं। होटल-ढाबे बंद करने की नौबत आ गई है।

Wed, 25 March 2026 12:49 PMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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गैस कंपनियों के वादे की सच्चाई! देहरादून में 25 नहीं 32 दिन बाद मिल रहा दूसरा सिलेंडर

LPG Booking: देहरादून में घरेलू रसोई गैस की किल्लत कम नहीं हो रही है। गैस कंपनियों ने दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद देने का नियम तो बनाया है लेकिन लोगों को यह 32 दिन बाद मिल रहा है। बैकलॉग के चलते बुकिंग के बाद डिलीवरी में सात दिन का अतिरिक्त समय लग रहा है।

देहरादून जिले में मंगलवार को गैस एजेंसियों को 22,500 सिलेंडर मिले। वहीं, 11 हजार सिलेंडरों की होम डिलीवरी की गई। वर्तमान में 33 हजार सिलेंडरों का स्टॉक बना हुआ है। गैस किल्लत के चलते लोग परेशान हैं और एजेंसियों के चक्कर काट रहे हैं। एजेंसी संचालक केवाईसी नहीं होने का हवाला देकर वापस लौटा रहे हैं। डीएसओ केके अग्रवाल ने बताया कि रसोई गैस की आपूर्ति अब सामान्य हो रही है।

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ग्रामीण एजेंसियों में भी 25 दिन में होगी बुकिंग

अब तक जिले की ग्रामीण एजेंसियों में 45 दिन बाद दूसरी बुकिंग का नियम था। दून में इस नियम से 30 हजार से अधिक लोग परेशान थे, जो लोग रह तो शहर में रहे थे, लेकिन उनकी एजेंसियां ग्रामीण श्रेणी में थीं। जिस कारण उनकी गैस बुक नहीं हो रही थी। डीएसओ केके अग्रवाल ने बताया कि अब ग्रामीण एजेंसियों में उज्जवला के लाभार्थियों को छोड़कर बाकी सभी 25 दिन बाद बुकिंग करा सकते हैं। बताया कि इस फैसले से बड़ी राहत मिली है।

गैस न मिलने से दून से पलायन करने लगे प्रवासी

चंदन नगर में छोले-कुलचे की ठेली लगाने वाले बरेली (मीरगंज) के वीरपाल ने कहा कि एक हफ्ते से गैस नहीं मिल रही है। परिवार पालना मुश्किल हो गया है। उनके साथी जो सालों से यहां ठेली लगाकर गुजर-बसर कर रहे थे, चार दिन पहले ही वापस गांव लौट गए हैं। बताया कि ब्लैक में गैस सिलेंडर खरीदना छोटे दुकानदारों के लिए नामुमकिन हो गया है। ईंधन के अभाव और बढ़ती लागत के कारण दून का स्वाद और मजदूरों का रोजगार दोनों गंभीर संकट में हैं।

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चाय की चुस्की और नॉनवेज का जायका महंगा

दून में कॉमर्शियल रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता की जेब पर बोझ डाल दिया है। शहर के छोटे रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों ने चाय से लेकर खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक का इजाफा कर दिया है।

गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण अब संचालक लकड़ी, कोयला और डीजल भट्टी का सहारा ले रहे हैं, जिससे खाना बनाना काफी महंगा पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें मजबूरन ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। जो सिलेंडर 1700 रुपये का है, उसके लिए 3000 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। इसी भारी लागत की भरपाई के लिए रेट बढ़ाना मजबूरी बन गई है। ऐसे में महंगाई से सभी त्रस्त हैं।

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अफगानी चिकन 200 रुपये महंगा

इनामुल्ला बिल्डिंग के होटल कारोबारी दानिश कुरैशी ने बताया कि गैस के दाम बढ़ गए है। कॉमर्शियल सिलेंडर मिल नहीं रहे हैं। डीजल की भट्ठी और कोयले से काम चला रहे हैं। लागत बढ़ने की वजह से नॉनवेज डिशों के रेट भी कुछ बढ़े हैं। फुल चिकन बिरयानी 320 से 400, चिकन कोरमा 620 से 750, चिकन फ्राई 400 से 500 और चिकन अफगानी 600 से 800 कर दिए हैं।

अस्थायी तौर पर बंद किया प्रतिष्ठान

मल्लीताल बाजार में रेस्टोरेंट संचालक अनिल कुमार ने व्यावसायिक गैस सिलेंडर न मिलने पर अपना प्रतिष्ठान अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। उनका कहना है कि वह वह अपने गांव लौट आए हैं। इससे पहले वह दिल्ली में एक पब्लिक स्कूल में काम करते थे। कोविड महामारी के दौर में तब उन्हें वहां से भी वापस गांव लौटना पड़ा था।

मसूरी रोड पर होटलों में बढ़े रेट

मसूरी रोड स्थित भट्टाफॉल के होटल संचालक आशीष नौटियाल ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर मंहगा मिल रहा है। इस कारण उन्होंने खाने के रेट बढ़ा दिए हैं। 25 रुपये की चाय 40 और 50 की कॉफी 70 हो गई है। बताया कि चिकन विंग्स 260 से 350, स्टीम मोमो 100 से 150, चाऊमीन 100 से 150, चिली पनीर 240 से 320 रुपये का हो गया है।

चिली चिकन 50 रुपये तक महंगा हुआ दून में

बंगाली कोठी चौक के होटल संचालक बलवीर सिंह ने बताया कि एक सप्ताह से कॉमर्शियल गैस न मिलने के कारण वे लकड़ी पर खाना बनाने को मजबूर हैं। बढ़ती लागत के चलते उन्होंने चिली चिकन हाफ 150 से बढ़कर 250 रुपये कर दिया है।

लाडपुर में कोयले की भट्ठी पर पक रहा खाना, बढ़े दाम

लाडपुर स्थित वृद्धि भोजनालय के संचालक विकास कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया है। मजबूरन अब वह कोयले की भट्ठी पर खाना बनाने को विवश हैं। कोयले की भारी लागत के कारण उन्होंने खाने के दामों में 10 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। अब यहां स्पेशनल चाय 30, कुल्हड़ चाय 40, आलू पराठा 50 और वेज थाली 90 रुपये में मिल रही है।

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