Notorious Gangster Chinu Pandit Released After 10 years from roorkee jail West UP to Uttarakhand on Alert पिस्तौल को 'महबूबा' बताने वाला गैंगस्टर चीनू पंडित 10 साल बाद रिहा; वेस्ट यूपी से उत्तराखंड तक अलर्ट, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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पिस्तौल को 'महबूबा' बताने वाला गैंगस्टर चीनू पंडित 10 साल बाद रिहा; वेस्ट यूपी से उत्तराखंड तक अलर्ट

कुख्यात चीनू पंडित 10 साल बाद रुड़की जेल से रिहा हो गया है। सशर्त जमानत पर बाहर आए इस गैंगस्टर को लेकर वेस्ट यूपी से उत्तराखंड तक अलर्ट है। खुफिया एजेंसियां सतर्क हैं।

Wed, 3 June 2026 09:15 AMGaurav Kala दीपक मिश्रा/ अंकित कुमार चौधरी, हरिद्वार/देहरादून
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पिस्तौल को 'महबूबा' बताने वाला गैंगस्टर चीनू पंडित 10 साल बाद रिहा; वेस्ट यूपी से उत्तराखंड तक अलर्ट

पिस्तौल को 'महबूबा' कहने वाला कुख्यात गैंगस्टर चीनू पंडित 10 साल बाद जेल से बाहर आ गया है। सशर्त जमानत मिलने के बाद उसकी रिहाई को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। इस दौरान जेल परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। चीनू पंडित और वेस्ट यूपी के सुनील राठी गैंग के बीच पुरानी दुश्मनी है। पंडित की रिहाई के बाद वेस्ट यूपी से उत्तराखंड तक अलर्ट है। खुफिया एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के अपराध जगत में पिछले कुछ सालों में सुनील राठी गैंग के साथ हुई कई खूनी गैंगवार की वजह से चीनू पंडित का गैंग काफी कमजोर हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड और हालिया इनपुट्स बताते हैं कि जेल के भीतर रहते हुए भी चीनू ने अपने वजूद को दोबारा खड़ा करने और गैंग को मजबूत करने के प्रयास लगातार जारी रखे। पुलिस को आशंका है कि जेल से बाहर आने के बाद वह अपने गैंग में नए गुर्गों को जोड़ सकता है। यही वजह है कि एसटीएफ उसके हर एक कदम पर पैनी नजर रखने की तैयारी में है।

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जेल से भी जारी रही वर्चस्व की जंग

सुनील राठी गैंग के साथ चली सालों लंबी खूनी अदावत में चीनू पंडित ने अपने कई खास सिपहसालार खोए हैं। जिससे उसका नेटवर्क कमजोर पड़ा। फिर भी चीनू ने कभी हार नहीं मानी। वह जेल की चहारदीवारी के भीतर से ही नए लड़कों को जोड़ने और उन्हें अपराध की दुनिया में आगे बढ़ाने के ताने-बाने बुनता रहा है। हाल के महीनों में भी एसटीएफ ने चीनू पंडित गैंग से जुड़े कुछ शूटरों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार भी किया था।

2014 का चर्चित गैंगवार

चीनू पंडित को जमानत मिलने के बाद बरती गई सतर्कता के पीछे पांच अगस्त 2014 को रुड़की सब-जेल के बाहर हुई चर्चित गैंगवार रही। उस दिन जमानत पर जेल से बाहर आ रहे चीनू पंडित और उसके साथियों पर प्रतिद्वंद्वी गिरोह के बदमाशों ने घात लगाकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। दिनदहाड़े जेल के बाहर हुई इस वारदात से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। इस गैंगवार में चीनू पंडित के तीन करीबी साथियों रमन मारवाह, तरुण त्यागी और लोकेंद्र राठी की मौके पर ही मौत हो गई थी।

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वहीं चीनू पंडित के भाई समेत चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जेल के बाहर हुई इस खूनी वारदात ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए थे। इसी घटना को देखते हुए इस बार चीनू पंडित को जमानत मिलने के बाद रिहाई के दौरान पुलिस ने विशेष एहतियात बरता। इस मौके पर जेल परिसर के आसपास निगरानी बढ़ाई गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। एसपी देहात शेखर चंद सुयाल का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र पुलिस सतर्क है।

मई 2016 के चर्चित आकाश त्यागी हत्याकांड में गया था जेल

रुड़की। चीनू पंडित मई 2016 में रुड़की के रामनगर चौक स्थित क्लासिक बार में हुए चर्चित आकाश त्यागी हत्याकांड के मामल े में जेल गया था। हालांकि चीनू पंडित अब धारा 304/34 आईपीसी और आर्म्स एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध था। इनसे संबंधित मामलों में एडीजे प्रथम रुड़की की अदालत तथा स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट से उसे जमानत प्रदान की गई।

चीनू पंडित और राठी में है पुरानी अदावत

रुड़की, संवाददाता। चीनू पंडित और सुनील राठी की दुश्मनी उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे चर्चित गैंगवारों में गिनी जाती है। बताया जाता है कि दोनों अपराध जगत में सक्रिय होने के दौरान एक-दूसरे को जानते थे, लेकिन बाद में क्षेत्रीय वर्चस्व, आपराधिक नेटवर्क और प्रभाव को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए। यह दुश्मनी समय के साथ खूनी गैंगवार में बदल गई।

2012–2014

हरिद्वार, रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई तेज हो गई। पुलिस रिकॉर्ड और मीडिया रिपोर्टों में दोनों गैंगों के सदस्यों पर हत्या, हत्या के प्रयास और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख मिलता है।

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दो मामले कोर्ट में चल रहे

चीनू पंडित पर वर्तमान में एक से दो केस चल रहे हैं। जो कोर्ट में विचाराधीन है। इस अधिकारियों ने बताया कि चीनू पंडित पर पूर्व में करीब आठ से दस केस दर्ज थे।

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