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मसूरी में पर्यावरण की अनदेखी; NGT सख्त, उत्तराखंड सरकार को नोटिस

एनजीटी ने मसूरी के नाजुक पर्यावरण को बचाने के लिए जारी निर्देशों का पालन न करने पर उत्तराखंड सरकार को नोटिस भेजा है। जोशीमठ जैसी आपदा से बचने के लिए एनजीटी ने 19 सुधारात्मक कदम उठाने को कहा था। 

Sun, 29 March 2026 07:14 PMKrishna Bihari Singh पीटीआई, देहरादून
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मसूरी में पर्यावरण की अनदेखी; NGT सख्त, उत्तराखंड सरकार को नोटिस

एनजीटी ने मसूरी के नाजुक पर्यावरण को बचाने के लिए दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने पर उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। NGT ने जोशीमठ जैसी आपदा से बचने के लिए पिछले साल 19 सुधारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए थे, जिनमें अनियंत्रित निर्माण पर रोक, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और कचरा प्रबंधन जैसे जरूरी उपाय शामिल थे। हालिया सुनवाई में एनजीटी ने पाया कि सरकार ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई खास ठोस कदम नहीं उठाया है। इसी लापरवाही को देखते हुए मुख्य सचिव से जवाब मांगा गया है।

जोशीमठ में आपदा जैसी चेतावनी का लिया था संज्ञान

एनजीटी ने पिछले साल मई में एक मामले का निपटारा करने के बाद उक्त आदेश जारी किए थे। एनजीटी ने एक खबर पर खुद ही संज्ञान लिया था। उस खबर में यह कहा गया था कि साल 2023 में जोशीमठ में जो मुसीबत आई थी वह मसूरी के लिए एक बड़ी चेतावनी है क्योंकि वहां भी बिना किसी योजना के लगातार निर्माण कार्य किए जा रहे थे।

19 पॉइंट रोकथाम उपाय लागू करने के दिए थे आदेश

ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में कहा था कि हम इस मामले को इस आदेश के साथ निपटाते हैं कि उत्तराखंड 19 पॉइंट रोकथाम उपाय लागू करने साथ दूसरे उपायों को भी लागू करेगा। ये ठोस साइंटिफिक सिद्धांतों और तरीकों पर आधारित होंगे ताकि पक्का हो सके कि नाजुक हिमालयी क्षेत्र के पर्यावरण को उसकी वहन क्षमता से ज्यादा नुकसान न हो। एनजीटी ने छह महीने बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी थी।

सरकार ने दी थी रिपोर्ट

इस साल 24 मार्च को एनजीटी ने कहा कि ट्रिब्यूनल के निर्देशों का पालन करते हुए राज्य के एडिशनल सेक्रेटरी ने एक रिपोर्ट फाइल की थी। एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और एक्सपर्ट मेंबर ए सेंथिल वेल और अफरोज अहमद की बेंच ने कहा- रिपोर्ट देखने पर हमें पता चला कि ट्रिब्यूनल के ऑर्डर में बताए गए जरूरी मुद्दों पर कोई खास एक्शन नहीं लिया गया है। सरकार की तरफ से कोई मौजूद भी नहीं है।

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क्या थे सुधारात्मक उपाय?

एनजीटी ने उत्तराखंड के चीफ सेक्रेटरी को नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई 14 जुलाई को होगी। 19 सूत्री सुधार के उपायों में टनलिंग और बड़े सिविल स्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, प्लानर्स और एडमिनिस्ट्रेटर्स के लिए जीआईएस-बेस्ड डिसीजन सपोर्ट सिस्टम बनाना, मौजूदा बिल्डिंग्स की जांच, अच्छे ड्रेनेज का इंतजाम, खराब ढलानों पर मिट्टी को स्थिर करने के उपाय, स्प्रिंग-शेड को नया बनाना, नई बिल्डिंग्स के कंस्ट्रक्शन पर रोक लगाना और सही वेस्ट मैनेजमेंट शामिल हैं।

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सुधार के ये उपाय भी शामिल

19 सूत्री सुधार के उपायों में बायो-डिग्रेडेबल मटीरियल के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम में स्थानीय लोगों को शामिल करने के साथ ही इलाके की क्षमता के हिसाब से पर्यटकों का पंजीकरण करने और ट्रैफिक को आसान बनाने के अलावा मसूरी के लिए नए मास्टर प्लान में सुधार के उपायों को शामिल करने के उपाय भी शामिल हैं।

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