नैनीताल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंथन
नैनीताल के डीएसबी परिसर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर कार्यशाला हुई। कार्यक्रम में प्रो. नीता बोरा शर्मा ने इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। डॉ. पंकज नेगी ने विधेयक के इतिहास और महिलाओं की शिक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिलाओं को टिकट देने की अपील की।

नैनीताल, संवाददाता। डीएसबी परिसर स्थित महिला अध्ययन केंद्र में सोमवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम विषय पर कार्यशाला हुई। माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र व आंतरिक शिकायत समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अधिनियम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गईं।कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए परिसर निदेशक प्रो. नीता बोरा शर्मा ने कहा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक पहल है, जिसके लागू होने पर उन्हें राजनीतिक क्षेत्र में आरक्षण का लाभ मिलेगा। मुख्य वक्ता डॉ. पंकज नेगी ने विधेयक के संबंध में बताया कि इसे पहली बार 1996 में एचडी देवगौड़ा की सरकार के दौरान पेश किया गया था, पर इसे 2023 में पारित किया गया।
डॉ. नेगी ने महिलाओं की शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को महिलाओं को टिकट देने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए और समाज में लैंगिक समानता की सोच को मजबूत करना होगा। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रो. चंद्रकला रावत, डॉ. किरन तिवारी, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. रंजन, अविनाश जाटव, राकेश कुमार आदि रहे।
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