नैनीताल अदालत को बम से उड़ाने की धमकी में नया ट्विस्ट, पाकिस्तान भी भेजे धमकी भरे ई-मेल
Nainital Court Bomb Threat: नैनीताल जिला जज को ई-मेल से भेजी गई धमकी मामले में नया ट्विस्ट आया है। पुलिस का कहना है कि धमकी भरे ई-मेल पाकिस्तान भी भेजे गए थे। पुलिस ने मामले में एसटीएफ की मदद मांगी है।

Nainital Court Bomb Threat: नैनीताल जिला जज की आधिकारिक मेल पर धमकी भरे संदेश भेजने के मामले की जांच में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। सर्विलांस और साइबर टीम को जांच में पता चला कि ई-मेल एक सप्ताह पहले तैयार की गई थी। मेल भारत के अलग अलग राज्यों के साथ पाकिस्तान तक भेजी गई थी।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिला जज की आधिकारिक मेल पर बम धमाकों की धमकी आई थी। एसपी सिटी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 10 फरवरी को ई-मेल तैयार की गई थी। इसके बाद इसे लगातार दो दिन सर्कुलेट किया गया। भारत समेत पाकिस्तान व अन्य देशों में 130 मेल फॉरवर्ड की गईं।
एसटीएफ से मदद की गुहार
पुलिस के मुताबिक मेल माइक्रोसाफ्ट, आउटलुक पर तैयार की गई थी। हालांकि अभी तक ई-मेल भेजने वाला संदिग्ध ट्रैक नहीं हो पाया है। बड़े स्तर पर इसकी जांच हो रही है और एसटीएफ से भी मदद मांगी गई है। मेल भेजने वाले आरोपी का पता लगाने में पुलिस को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि आरोपी ने रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डों या फ्री वाई-फाई वाले किसी स्थान से मेल किया होगा। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि जिन स्थानों पर वाई-फाई में पासवर्ड नहीं होता, उस स्थान से संदेश भेजने वाले को ट्रेस करना मुश्किल होता है।
सामने आए तथ्य
साइबर जांच में आईपी एड्रेस ट्रैक करने के बाद हेडर व अन्य तकनीकी संसाधनों से ई-मेल के भारत, पाक समेत अन्य जगहों पर भेजने की बात सामने आई है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
नैनीताल जिला न्यायालय को सोमवार और मंगलवार को लगातार दो दिन बम से उड़ाने की धमकी मिलने से न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। अज्ञात ई-मेल आईडी से जिला जज की आधिकारिक मेल पर भेजे गए संदेशों में कोर्ट परिसर में आरडीएक्स लगाकर धमाका करने की बात कही गई थी। जिससे अधिवक्ताओं, कर्मचारी, वादकारियों में दहशत का माहौल बना रहा।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा की जमीनी हकीकत
पुलिस और प्रशासन की ओर से कोर्ट परिसर में सुरक्षा चाक-चौबंद करने के दावे किए गए, लेकिन बुधवार को जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई। कोर्ट परिसर में प्रवेश के चार गेट हैं, दोपहर के समय मुख्य गेट पर केवल एक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर लगाया गया था, जिससे भी गिने-चुने लोग ही गुजरते दिखे। अन्य पर न तो पुलिस तैनाती थी और न ही चेकिंग व्यवस्था। इन गेटों से बेरोकटोक आवाजाही होती रही, जो कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सीओ रविकांत सेमवाल का कहना है कि फिलहाल चारों गेटों में से आवाजाही मुख्य गेट से कराई जा रही है। अज्ञात लोगों की डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर से जांच की जा रही है। इसके अलावा एलआईयू और पुलिस बल को भी कोर्ट परिसर में तैनात किया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।
बार एसोसिएशन ने जताई नाराजगी
लगातार मिल रही धमकियों और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने जिला जज को ज्ञापन सौंपकर परिसर में ठोस सुरक्षा इंतजाम कराने की मांग की। बार एसोसिएशन के सचिव दीपक रुवाली और उपाध्यक्ष शंकर चौहान ने कहा कि दो दिनों से लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद पुलिस अब तक ठोस जानकारी जुटाने में नाकाम रही है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन