Massive landslide strands thousands on Kedarnath route; SDRF evacuates over 10,000 pilgrims to safety केदारनाथ के रास्ते पर बरसी मौत, 10000 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान बचाई गई- VIDEO, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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केदारनाथ के रास्ते पर बरसी मौत, 10000 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान बचाई गई- VIDEO

सड़क पर फंसे श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तत्काल प्रभाव में SDRF और NDRF ने स्पेशल ऑपरेशन चलाकर 10000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को सही-सलामत बाहर निकाला।

Wed, 20 May 2026 06:09 PMRatan Gupta रुद्रप्रयाग, एएनआई
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केदारनाथ के रास्ते पर बरसी मौत, 10000 से ज्यादा श्रद्धालुओं की जान बचाई गई- VIDEO

मंगलवार रात भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण केदारनाथ यात्रा का अहम रास्ता बंद हो गया। अचानक बरसी मौत के कारण रास्ते पर फंसे श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तत्काल प्रभाव में SDRF और NDRF ने स्पेशल ऑपरेशन चलाकर 10000 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को सही-सलामत बाहर निकाला।

आखिर लैंडस्लाइड की घटना हुई कहां?

यह घटना सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया सेक्टर में हुई है। भारी बारिश के बाद भीषण लैंडस्लाइड हुआ। इसके चलते कई टन मलबा मेन रोड पर आकर गिर गया। दोनों तरफ से आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। इस कारण केदारनाथ मंदिर से लौट रहे या वहां जा रहे हजारों श्रद्धालुओं का संपर्क टूट गया। इसे देखते हुए तेजी से अभियान चलाकर तीर्थयात्रियों को बाहर निकाला गया।

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रात, बारिश, मलवा और रेस्क्यु में आईं चुनौतियां

रात का समय, खराब मौसम और पहाड़ी क्षेत्र में लगातार गिर रहा मलबा। इन कारणों से श्रद्धालुओं के बीच डर का माहौल छाया हुआ था। बचाव दल को भी रेस्क्यु ऑपरेशन चलाने में खासा समस्या का सामना करना पड़ रहा था। घटना की सूचना रात 9:16 बजे जिला नियंत्रण कक्ष रुद्रप्रयाग से SDRF को मिली। सूचना मिलते ही SDRF की सोनप्रयाग टीम उपनिरीक्षक अशिष डिमरी के नेतृत्व में जरूरी रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई।

इसके बाद SDRF और NDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। जवानों ने खराब मौसम और जोखिम भरे हालात के बीच फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। अधिकारियों के मुताबिक, समय रहते चलाए गए अभियान की वजह से किसी बड़े हादसे को टालने में मदद मिली।

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जानिए सफल ऑपरेशन के पीछे की कहानी

SDRF के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी ने इस सफल ऑपरेशन के पीछे की स्ट्रेटेजिक भी साझा की। यदुवंशी ने बताया, हमारी टीमें पहले से ही यात्रा के रास्ते पर तैनात थीं, जो किसी भी तरह की आपदा और इमरजेंसी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। इस पहले से तैयारी, हमारे तेज रिस्पॉन्स और असरदार इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन के साथ मिलकर, हमें इतना बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक करने में मदद मिली।

टीमों ने बहुत ज़्यादा जोखिम भरे हालात से निपटते हुए बहुत सब्र और हिम्मत दिखाई। लोगों को निकालने का काम पूरा होने के बाद, अधिकारियों ने JCBs समेत भारी मशीनरी को सड़क से मलबा हटाने के लिए लगाया। डिज़ास्टर रिस्पॉन्स टीमों की पूरी कोशिशों से बुधवार सुबह तक सड़क गाड़ियों के ट्रैफिक के लिए फिर से खुल गई।

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