kedarnath darshan timing Updates Touch Darshan Till 12 PM Followed by Shringar Darshan Till 10 PM Know all Detail केदारनाथ में दर्शन के नए नियम; दोपहर 12 बजे तक ही स्पर्श, 4 दिन में सवा लाख लोग धाम पहुंचे, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

केदारनाथ में दर्शन के नए नियम; दोपहर 12 बजे तक ही स्पर्श, 4 दिन में सवा लाख लोग धाम पहुंचे

केदारनाथ में दोपहर 12 बजे तक गर्भ गृह में स्पर्श दर्शन की अनुमति दी जाती है। भगवान को भोग लगाने की प्रक्रिया की जाती है। साथ ही भगवान का श्रृंगार किया जाता है। दोपहर बाद गर्भ गृह में जाने की अनुमति नहीं दी जाती है।

Mon, 27 April 2026 08:31 AMGaurav Kala बद्री नौटियाल, रुद्रप्रयाग, हिन्दुस्तान
share
केदारनाथ में दर्शन के नए नियम; दोपहर 12 बजे तक ही स्पर्श, 4 दिन में सवा लाख लोग धाम पहुंचे

kedarnath Darshan Timing: केदारनाथ धाम में बाबा केदार के दर्शनों के लिए लगातार तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ने लगी है। चार दिनों में ही दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या सवा लाख पार चुकी है। इसके साथ ही अब भगवान भैरवनाथ के कपाट खुलने के बाद केदारनाथ मंदिर में सांयकालीन आरती शुरू हो गई है। जबकि श्रृंगार दर्शन भी शुरू हो गए हैं। तीर्थयात्री सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक स्पर्श दर्शन और इसके बाद श्रृंगार दर्शन कर रहे हैं।

केदारनाथ धाम में हर साल यात्रियों के बेहतर दर्शन के लिए प्रशासन एवं बदरी-केदार मंदिर समिति द्वारा निंरतर प्रयास किए जाते रहे हैं। बीते कुछ सालों से केदारनाथ धाम में यात्री संख्या अत्यधिक आने से दर्शनों के लिए यात्रियों को लाइन में कई देर तक खड़ा होना पड़ता है। बीते दिन भगवान भैरवनाथ के कपाट खोले गए जबकि सायं से केदारनाथ मंदिर में आरती भी शुरू हो गई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:केदारनाथ में उमड़ी भारी भीड़,नियमों को तोड़ते दिखे श्रद्धालु;लोगों ने लगाई क्लास

सुबह 4 बजे से स्पर्श दर्शन की सुविधा

वहीं मंदिर में सुबह 4 बजे से लाइन में खड़े यात्रियों के लिए गर्भ गृह में जाकर स्पर्श दर्शन की सुविधा दी गई है। बाबा केदार के स्वयंभू लिंग को स्पर्श कर पुण्य अर्जित करने के लिए यात्री रात से ही लाइन लगाना शुरू कर देते हैं। दोपहर 12 बजे तक गर्भ गृह में स्पर्श दर्शन की अनुमति दी जाती है। जबकि 12 बजे बाद मंदिर में साफ-सफाई की जाती है। भगवान को भोग लगाने की प्रक्रिया की जाती है। साथ ही भगवान का श्रृंगार किया जाता है। दोपहर बाद गर्भ गृह में जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। इसके बाद सभा मंडप से ही श्रृंगार दर्शन किए जाते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ग्लेशियरों से बदरीनाथ, माणा और हनुमान चट्टी में तबाही का खतरा, केंद्र को नोटिस

रात को 10 बजे तक कराए जा रहे दर्शन

सांयकालीन आरती से पहले तक दर्शनों की सुविधा दी जाती है। यदि यात्री ज्यादा है और लाइन लगी है तो सभी को रात 10 बजे तक दर्शन कराए जाते हैं। दर्शन करने वाले यात्री लाइन संपंन होने के बाद मध्य रात्रि को मंदिर के गर्भ गृह में विशेष पूजाएं कराई जाती है। पुन: सुबह 4 बजे से फिर आम दर्शन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। बदरी-केदार मंदिर समिति के सीईओ सोहन सिंह रांगड ने बताया कि हर यात्री बेहतर दर्शन करे, इसके लिए प्रयास किए जाएंगे। यात्रियों के लिए दर्शन व्यवस्था बेहतर करने के प्रयास किए जाएंगे।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:केदारनाथ में पुजारी बनने के नियम, क्यों कर्नाटक में लिंगायत समुदाय को ही अधिकार

अब तक दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या

● 22 अप्रैल - 38000

● 23 अप्रैल - 25252

● 24 अप्रैल - 30370

● 25 अप्रैल - 31160

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।