Indore like Threat in Uttarakhand thousands of People Forced to Drink Contaminated Water Over 33000 Complaints उत्तराखंड में भी इंदौर जैसा खतरा? दूषित पानी पीने को मजबूर हजारों लोग; 33 हजार से ज्यादा शिकायतें, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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उत्तराखंड में भी इंदौर जैसा खतरा? दूषित पानी पीने को मजबूर हजारों लोग; 33 हजार से ज्यादा शिकायतें

इंदौर में दूषित पानी से कई लोगों की मौत की घटना के बाद उत्तराखंड में भी गंदे पानी को लेकर हालात चिंताजनक हैं। जल संस्थान को 2025 में गंदे पानी से जुड़ी 33 हजार से ज्यादा शिकायतें मिलीं। अल्मोड़ा में पिछले साल इससे तीन लोगों की मौत हुई थी।

Sun, 4 Jan 2026 02:32 PMGaurav Kala देहरादून
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उत्तराखंड में भी इंदौर जैसा खतरा? दूषित पानी पीने को मजबूर हजारों लोग; 33 हजार से ज्यादा शिकायतें

मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से लोगों की मौत के बाद देशभर में पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के बाद उत्तराखंड में भी गंदा पानी चिंता बढ़ा रहा है। हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल जैसे शहरों में पेयजल लाइनों में लीकेज और गंदे पानी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। 2025 में इससे जुड़ी 33 हजार शिकायतें मिली हैं। पिछले साल अक्टूबर में अल्मोड़ा में गंदे पानी से लोग बीमार हो गए थे, तीन की मौत भी हुई थी।

हरिद्वार शहर में पेयजल लाइनों में लीकेज की प्रतिमाह औसतन 10 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। लीकेज के कारण प्रतिदिन करीब 200 लीटर तक शुद्ध पेयजल बर्बाद हो रहा है। कनखल, ज्वालापुर और हरिद्वार के कई इलाकों में घरों में गंदा और बदबूदार पानी पहुंचने की शिकायतें भी महीने में चार से पांच बार सामने आती हैं। सितंबर 2025 में कनखल के वार्ड 31 रविदास बस्ती, हिमगिरि कॉलोनी, चेतन देव कुटिया, लोधामंडी, नई बस्ती और ज्ञान लोक कॉलोनी में गंदे पानी की सप्लाई से करीब तीन हजार की आबादी परेशान रही थी। इससे लगभग एक हजार लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए।

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पौड़ी से देहरादून तक हालात चिंताजनक

पौड़ी जिले में हर महीने 10 से 15 पेयजल लाइनों में लीकेज की शिकायतें मिल रही हैं। जल संस्थान के अनुसार गर्मियों में यह संख्या और बढ़ जाती है। अधीक्षण अभियंता पीके सैनी बताते हैं कि लीकेज से प्रतिमाह डेढ़ सौ केएल तक पानी बर्बाद हो रहा है। कई जगह सड़क निर्माण, मलबा गिरने या भारी वाहनों के दबाव से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो जाती है।

राजधानी देहरादून में ओल्ड डालनवाला, वाल्मीकि बस्ती, मद्रासी कॉलोनी, खुडबुडा, गुजराती बस्ती, श्रीदेव सुमन नगर, आदर्श नगर और दीपलोक कॉलोनी जैसे इलाकों में वर्षों से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। लोग मजबूरी में पानी उबालकर या खरीदकर पी रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संकट गहराता जा रहा है।

उत्तराखंड में जल संकट

अल्मोड़ा की चेतावनी

अल्मोड़ा में अक्टूबर माह में दूषित पानी से लोग बीमार पड़े थे और वायरल फीवर से तीन लोगों की मौत भी हुई थी। जांच में टाइफाइड, स्क्रब टायफस और लाइम डिजीज के मामले सामने आए थे। यहां नालों और सीवर के पास से गुजर रही पुरानी पेयजल लाइनों को बड़ा खतरा माना जा रहा है।

33 हजार शिकायतें, लेकिन समाधान अधूरा

जल संस्थान की 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार पूरे राज्य में 33 हजार से अधिक शिकायतें मिलीं, जिनमें पाइपलाइन लीकेज, सीवर चोक और ओवरफ्लो जैसी समस्याएं शामिल थीं। 32 हजार शिकायतों के निस्तारण का दावा किया गया है, जबकि करीब 1100 शिकायतें अब भी लंबित हैं। कई जगह लीकेज कपड़ा और पॉलीथिन बांधकर रोकी जा रही है, जो अस्थायी और जोखिम भरा समाधान है।

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