उत्तराखंड हाई कोर्ट ने पलटा प्रशासन का फैसला, खास जगह पर दी ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुसलमान समुदाय ने राहत की सांस ली है। उधर उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित नमाज सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

उत्तराखंड के नैनीताल में ईद की नमाज पढ़ने को लेकर जारी विवाद के बीच हाई कोर्ट ने बुधवार को मुस्लिम समुदाय को एक बड़ी राहत दे दी। इस दौरान कोर्ट ने उन्हें शहर के डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन (DSA) मैदान में सीमित समय के लिए गुरुवार को ईद की नमाज़ अदा करने की सशर्त अनुमति दे दी। कोर्ट के इस आदेश से नमाज के स्थान को लेकर चल रही उलझन दूर हो गई है। दरअसल यह पूरा विवाद उस वक्त सामने आया था जब राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन ने सार्वजनिक स्थलों व समतल मैदानों पर नमाज की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
प्रशासन के इसी फैसले के खिलाफ अंजुमन इस्लामिया नाम का एक मुस्लिम संगठन हाई कोर्ट चला गया था और उसने एक याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर हुई सुनवाई के बाद चीफ़ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की डिवीजन बेंच ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को राहत देते हुए यह आदेश पारित किया। इस दौरान अदालत ने उन्हें 28 मई को सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच नमाज अदा करने की अनुमति दे दी। पीठ ने अपने आदेश में पुलिस और जिला प्रशासन को नमाज के दौरान शांति व्यवस्था, कानून व्यवस्था और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
पहले दी गई थी मैदान इस्तेमाल करने की इजाजत
इससे पहले नैनीताल जिमखाना और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने अंजुमन इस्लामिया को मैदान का इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी थी, लेकिन बाद में उस दी गई अनुमति को रद्द कर दिया गया था। इस फैसले की वजह बताते हुए जिला प्रशासन ने साफ किया था कि यह मैदान खेल गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के लिए आरक्षित है, ऐसे में वहां धार्मिक कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दी जा सकती।
प्रशासन ने शुरू की गुरुवार के लिए तैयारियां
प्रशासन के इसी यू-टर्न के बाद मुस्लिम संगठन ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपील की थी। वहीं अब उच्च न्यायालय के आदेश के बाद मुसलमान समुदाय ने राहत की सांस ली है। उधर उच्च न्यायालय के इस फैसले के बाद जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित नमाज सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
वकील ने कहा- सालों से वहीं होती रही है नमाज
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कमेटी की ओर से अधिवक्ता सोहेल सिद्दीकी ने अदालत को बताया गया कि जिला प्रशासन द्वारा डीएसए स्पोर्ट्स ग्राउंड (समतल मैदान) में सार्वजनिक रूप से ईद की नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी गई है। यह भी कहा गया कि वर्षों से डीएसए ग्राउंड पर ईद की नमाज अदा की जाती रही है, लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने सार्वजनिक स्थल, मैदान, सड़कों पर नमाज पढ़ने पर प्रतिबंध का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया है।
मुस्लिम पक्ष को एक घंटे के लिए नमाज पढ़ने की इजाजत दी
कमेटी की ओर से दलील दी गई कि नमाज सड़क पर नहीं बल्कि मैदान में अदा की जाएगी। आगे बताया गया कि 25 मई को मल्लीताल कोतवाली में शांति समिति की बैठक में भी नमाज की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था। तब अधिकारियों ने कहा था कि संबंधित विभागों से एनओसी और अन्य औपचारिक अनुमति मिलने के बाद ही अनुमति दी जा सकेगी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मुस्लिम पक्ष को राहत देते हुए मैदान में नमाज पढ़ने के लिए एक घंटे की इजाजत दे दी।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन