हरिद्वार पर पेट्रोल-डीजल महंगा होने से रोज 24 लाख का अतिरिक्त बोझ
हरिद्वार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर असर पड़ रहा है। प्रतिदिन लगभग 24 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च हो रहा है। यदि यही स्थिति रही, तो एक महीने में यह खर्च सात करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाएगा। ईंधन महंगा होने से परिवहन और व्यापार पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

हरिद्वार, संवाददाता। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने हरिद्वार जिले के लोगों की जेब पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। जिले में प्रतिदिन करीब आठ लाख लीटर पेट्रोल और डीजल की खपत होती है। ऐसे में, ईंधन के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर रोजाना लगभग 24 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही तो एक महीने में यह अतिरिक्त खर्च सात करोड़ रुपये से अधिक पहुंच जाएगा। डीएसओ कार्यालय के अनुसार हरिद्वार जिले में पेट्रोल की प्रतिदिन करीब दो लाख लीटर और डीजल की लगभग पांच लाख लीटर खपत होती है।
जिले में 75 से 80 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जहां हर दिन बड़ी संख्या में वाहन चालक ईंधन भरवाते हैं। पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर तीन रुपये की बढ़ोतरी होने से परिवहन, व्यापार और रोजमर्रा के खर्चों पर भी असर पड़ने लगा है। हरिद्वार में पहले डीजल की कीमत 87 रुपये 62 पैसे प्रति लीटर थी, जो अब बढ़कर 90 रुपये 62 पैसे हो गई है। वहीं, पेट्रोल के दाम 92 रुपये 47 पैसे से बढ़कर 95 रुपये 47 पैसे प्रति लीटर पहुंच गए हैं। ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई, बस और टैक्सी संचालन के साथ निजी वाहन चालकों की चिंता भी बढ़ गई है।
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