जयपुर में पेट्रोल 3₹ महंगा, डीजल भी 93 के करीब पहुंचा; जानिए नए रेट
राजस्थान में एक बार फिर ईंधन कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों ने शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू कर दिए हैं, जिसके बाद राज्य के कई शहरों में कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।

राजस्थान में एक बार फिर ईंधन कीमतों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम कंपनियों ने शुक्रवार से पेट्रोल और डीजल के नए रेट लागू कर दिए हैं, जिसके बाद राज्य के कई शहरों में कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। राजधानी जयपुर में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 107.97 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल भी 93 रुपए के करीब पहुंच गया है।
सबसे ज्यादा कीमतों की बात करें तो श्रीगंगानगर, बीकानेर और सवाई माधोपुर जैसे शहरों में पेट्रोल की कीमत 109.46 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जो फिलहाल प्रदेश में सबसे अधिक मानी जा रही है। इन इलाकों में डीजल की कीमत भी बढ़कर करीब 94.74 रुपए प्रति लीटर हो गई है।
प्रति लीटर 3 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी
नई दरों के मुताबिक जयपुर में पेट्रोल के दाम में करीब 3 रुपए 25 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं डीजल भी 3 रुपए 2 पैसे महंगा हुआ है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी के बाद आम लोगों, खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वालों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का असर है। पिछले कुछ समय से ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल महंगा हो रहा है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है।
आम आदमी और कारोबार पर असर
ईंधन की कीमतों में इस अचानक उछाल से आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि यदि कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो भाड़ा दरों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय कारण और आगे की आशंका
जानकारों के मुताबिक मध्य पूर्व में जारी तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।
लंबे समय बाद बदले दाम
गौरतलब है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें मार्च 2024 से लगभग स्थिर बनी हुई थीं। लोकसभा चुनाव 2024 से पहले केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर की कटौती की थी। इसके बाद लंबे समय तक कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
हालांकि, तकनीकी रूप से भारत में ईंधन की कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की 15 दिनों की औसत कीमत के आधार पर तय होती हैं और तेल कंपनियां रोजाना कीमतों में बदलाव कर सकती हैं। लेकिन राजनीतिक और सामाजिक संवेदनशीलता के चलते अक्सर लंबे समय तक दरों को स्थिर रखा जाता है।
आगे क्या?
मौजूदा हालात को देखते हुए यह कहना मुश्किल नहीं है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आई, तो आने वाले समय में आम लोगों को और महंगे ईंधन का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, नई दरों ने राज्यभर में महंगाई को लेकर नई चिंता जरूर बढ़ा दी है।
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