Significance of Purushottam Month in Hinduism May 17 to June 15 पुरुषोत्तम मास 17 मई से, शुभ कार्यों पर लगेगा विराम, Haldwani Hindi News - Hindustan
More

पुरुषोत्तम मास 17 मई से, शुभ कार्यों पर लगेगा विराम

हल्द्वानी, संवाददाता सनातन धर्म में खरमास और मलमास का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। ज्योतिषी अशोक

Fri, 15 May 2026 05:01 PMNewswrap हिन्दुस्तान, हल्द्वानी
share
पुरुषोत्तम मास 17 मई से, शुभ कार्यों पर लगेगा विराम

दीक्षा बिष्ट लमगड़िया हल्द्वानी। सनातन धर्म में खरमास और मलमास का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय के अनुसार, इस वर्ष 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम मास (मलमास) रहेगा, जिसे ज्येष्ठाधिक मास के नाम से भी जाना जाएगा। सौर और चंद्र कैलेंडर के अंतर को संतुलित करने के लिए हर दो-तीन साल में यह अतिरिक्त माह जोड़ा जाता है। भगवान विष्णु इस माह के स्वामी हैं, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। मांगलिक कार्यों की शुरुआत दोबारा 19 जून से होगी।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:शनि जयंती पर 500 साल बाद दुर्लभ ज्योतिषिय संयोग
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मलमास के कारण एक महीना तक थम जाएंगे मांगलिक कार्य
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:मलमास 17 मई से, मांगलिक कार्यों पर 20 जून तक रोक

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।