Malm s Adhikm s Begins on May 17 2023 - Spiritual Significance and Impact on Auspicious Events मलमास 17 मई से, मांगलिक कार्यों पर 20 जून तक रोक, Dhanbad Hindi News - Hindustan
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मलमास 17 मई से, मांगलिक कार्यों पर 20 जून तक रोक

पंचांग के अनुसार इस वर्ष 17 मई से मलमास की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। इस अवधि में सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। इसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होता है। मलमास के बाद 21 जून से शुभ लग्न शुरू होंगे।

Fri, 15 May 2026 02:09 AMNewswrap हिन्दुस्तान, धनबाद
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मलमास 17 मई से, मांगलिक कार्यों पर 20 जून तक रोक

पंचांग के अनुसार इस वर्ष 17 मई से मलमास (अधिकमास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक रहेगा। सनातन धर्म में मलमास को विशेष आध्यात्मिक साधना और पूजा-पाठ का समय माना जाता है, जबकि इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे सभी मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। वेदाचार्य पंडित रमेश चंद्र त्रिपाठी बतातें हैं कि प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर पंचांग की गणना के आधार पर अधिकमास लगता है। इस बार यह ज्येष्ठ मास में पड़ रहा है, जिसके कारण ज्येष्ठ का महीना कुल 59 दिनों का हो जाएगा। जो 19 साल बाद आया एक दुर्लभ संयोग है। यह सामान्य 30 के बजाय दो महीनों (59 दिन) तक चलेगा, जिससे आने वाले सभी पर्व- त्योहार 18 से 20 दिन विलंब से आएंगे। ज्येष्ठ मास दो मई से प्रारंभ हुआ जो कि अधिक मास के कारण 29 जून तक रहेगा। दरअसल, सूर्य और चंद्रमा की चाल में संतुलन बनाए रखने के लिए अधिकमास जोड़ा जाता है, ताकि पंचांग और मौसम के बीच सामंजस्य बना रहे।

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मलमास को कहते हैं ‘पुरुषोत्तम मास’ :

इस्कॉन धनबाद के अध्यक्ष नामप्रेम दास बताते हैं कि मलमास को ‘पुरुषोत्तम मास’ भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दौरान भक्तजन व्रत, दान, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठानों में विशेष रूप से रुचि लेते हैं। मान्यता है कि इस माह में किया गया दान-पुण्य और भक्ति कई गुना फलदायी होता है। गीता पाठ, भागवत कथा, विष्णु सहस्रनाम और सत्संग का विशेष महत्व बताया गया है।

21 जून से प्रारंभ होंगे लग्न :

हालांकि, इस अवधि में शुभ कार्यों पर रोक रहती है, इसलिए विवाह जैसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ा दिया जाता है। ज्योतिषियों के अनुसार, मलमास समाप्त होने के बाद 21 जून से पुनः शुभ लग्न शुरू हो जाएंगे, जिससे शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की रौनक लौट आएगी।

मलमास का आध्यात्मिक महत्व :

खड़ेश्वरी मंदिर के पूजारी राकेश पांडेय कहते हैं कि मलमास आत्मचिंतन, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का समय है। इस दौरान व्यक्ति को सांसारिक इच्छाओं से दूर रहकर भगवान की भक्ति में लीन रहना चाहिए। यही कारण है कि इसे नकारात्मक नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और शुभ माना जाता है।

पंचाग में लग्न की स्थिति

मई 2026: 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14

जून 2026: 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29

जुलाई 2026: 1, 6, 7, 11, 12

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