झारखंड की दुमका जेल में लिखी विक्रम शर्मा हत्याकांड की स्क्रिप्ट, इसी गिरोह ने डॉन अखिलेश को भी मारा
देहरादून में मारे गए गैंगस्टर विक्रम शर्मा की स्क्रिप्ट झारखंड की दुमका जेल में लिखी गई थी। इसी गिरोह ने पहले डॉन अखिलेश सिंह को मारा था। संपत्ति विवाद में हत्या की आशंका है।

देहरादून में 13 फरवरी की सुबह विक्रम शर्मा की हत्या जमशेदपुर के एक गिरोह के अपराधियों ने की। इसी गिरोह ने गैंगस्टर अमरनाथ सिंह की भी हत्या की थी। सीसीटीवी कैमरे में कैद शूटरों की तस्वीरों से इस बात की पुष्टि हो रही है।, जांच एजेंसियों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम को राजा शर्मा और विशाल सिंह ने संचालित किया था। इस हत्या की पटकथा दुमका जेल में एक साल पहले ही लिखी गई थी। दुमका जेल में राजा शर्मा से अखिलेश सिंह की कहासुनी हुई थी।
सूत्रों के अनुसार, जांच में खुलासा हुआ कि जब राजा शर्मा और विशाल सिंह दुमका जेल में बंद थे, उस दौरान डॉन अखिलेश सिंह से उनकी कहासुनी हुई थी। अखिलेश सिंह भी उसी जेल में सजा काट रहा है। जेल के भीतर बढ़े इस विवाद ने आगे चलकर खूनी रंजिश का रूप ले लिया। बताया जाता है कि जेल से बाहर आने के बाद अखिलेश सिंह के गुरु विक्रम शर्मा ने विशाल सिंह के कामकाज में दखलंदाजी शुरू कर दी थी। इसके बाद गिरोह ने विक्रम शर्मा को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया। सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय के पीछे राजा शर्मा की रणनीति और विशाल सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
हत्या के लिए देहरादून ही क्यों चुना
हत्या के लिए देहरादून को इसलिए चुना गया, क्योंकि वहां विक्रम शर्मा की दिनचर्या तय थी और वह आसानी से उपलब्ध हो जाता था। बदमाशों ने शहर का मुआयना किया फिर विक्रम शर्मा की गतिविधियों की रेकी की। मौका मिलते ही विक्रम शर्मा की हत्या कर दी। वहीं शनिवार को विक्रम शर्मा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
अमरनाथ सिंह की भी हत्या भी इसी गिरोह ने की
सूत्रों के अनुसार जेल से निकलने के बाद विक्रम शर्मा पर राजा शर्मा नजर रख रहा था। विक्रम शर्मा की हत्या के लिए उसी टीम को सक्रिय किया गया, जिसने पहले दुमका में अमरनाथ सिंह की हत्या की थी। अमरनाथ की हत्या में भी साजिश का नेतृत्व राजा शर्मा ने ही किया था और विक्रम शर्मा की हत्या की साजिश उसी ने रची। विशाल सिंह, आशुतोष, आकाश व अन्य सहयोगियों को इसमें शामिल किया गया।
मॉडस ऑपरेंडी अमरनाथ सिंह की हत्या से मिल रही है। बासुकीनाथ में अमरनाथ सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। उस समय आरोपियों ने देवघर से करीब 44 किलोमीटर तक उसका पीछा किया था और इसमें मुख्य भूमिका विशाल सिंह ने निभाई थी। विक्रम शर्मा को गोली मारने में भी मुख्य भूमिका विशाल की ही रही। अमरनाथ की हत्या के दौरान आरोपियों ने श्रद्धालुओं का वेश धारण किया और थैले में हथियार छिपा लिए। इसी तरह देहरादून के सिल्वर सिटी मॉल में भी आरोपी ग्राहक बनकर आते-जाते रहे और मौके की तलाश करते रहे। जैसे ही उन्हें अवसर मिला, उन्होंने विक्रम शर्मा को मार डाला। विशाल सिंह बागबेड़ा का रहने वाला बताया जा रहा है। उस पर अमरनाथ सिंह को पहली गोली मारने का आरोप है। आपराधिक जगत में उसकी पहचान सक्रिय शूटर के रूप रही है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। शूटरों में एक आशुतोष विशाल सिंह का करीबी है, जबकि आकाश परसूडीह थाना क्षेत्र के नामोटोला निवासी शराब कारोबारी विजय साहू की हत्या के मामले में शूटर था और जेल भी गया था।
संपत्ति विवाद में हत्या की आशंका, करीबी हिरासत में
देहरादून। गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड को पुलिस फिलहाल संपत्ति विवाद से जोड़कर देख रही है। इसी एंगल पर जांच केंद्रित है। विक्रम ने जरायम की दुनिया में कदम रखा। स्टोन क्रेशर समेत रियल स्टेट के कारोबार से अकूत संपत्ति हासिल की। उधर, इस मामले में एक नजदीकी को हिरासत में लिए जाने की सूचना है। विक्रम का भाई अरविंद शर्मा भी झारखंड का गैंगस्टर है। वह वहां के एक व्यक्ति अशोक की हत्या में वांछित है। विक्रम हत्याकांड में अरविंद शर्मा से भी पुलिस ने पूछताछ की है। इसके अलावा झारखंड में भी पुलिस ने कई इनपुट जुटाए हैं। पुलिस घटना के बाद से ही इस मामले को लेकर हाथ-पांव मार रही है।
किराये की बाइक पर जमशेदपुर का नंबर
इस साजिश में कथित तौर पर आकाश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह हवाई मार्ग से दिल्ली पहुंचा और हरिद्वार गया। हरिद्वार में उसने अपने पहचान पत्र पर दो मोटरसाइकिलें किराए पर लीं। बाद में इन बाइक के नंबर बदल दिए गए और उनमें से एक पर जमशेदपुर का नंबर प्लेट लगा दिया गया, ताकि जांच को भ्रमित किया जा सके।
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