Electricity Bill costlier in Uttarakhand than Uttar Pradesh Know the real reason उत्तराखंड में यूपी से क्यों महंगी मिल रही घरेलू बिजली? असली वजह आई सामने, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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उत्तराखंड में यूपी से क्यों महंगी मिल रही घरेलू बिजली? असली वजह आई सामने

उत्तराखंड में यूपी के बजाय बिजली सप्लाई सस्ती है। इसके बावजूद उत्तराखंड में घरेलू कनेक्शन से लेकर इंडस्ट्री और किसान सभी को यूपी के मुकाबले बिजली महंगी है। इसके पीछे की वजह सामने आई है।

Thu, 2 April 2026 07:34 AMGaurav Kala देहरादून, रवि नेगी, हिन्दुस्तान
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उत्तराखंड में यूपी से क्यों महंगी मिल रही घरेलू बिजली? असली वजह आई सामने

उत्तराखंड में घरेलू बिजली यूपी से महंगी है। यूपी में एक समय में घरेलू बिजली उत्तराखंड से महंगी थी लेकिन कुछ ही सालों में यूपी में सस्ती होती चली गई और उत्तराखंड में दाम बढ़ते गए। सिर्फ कमर्शियल बिजली ही यूपी से सस्ती है। इसके अलावा घरेलू, इंडस्ट्री व किसानों को मिलने वाली बिजली प्रदेश में यूपी से महंगी है।

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नया बिजली टैरिफ जारी कर दिया है। इस नए टैरिफ में बिजली दरों में किसी भी तरह का कोई इजाफा नहीं किया है। बावजूद प्रदेश में घरेलू बिजली यूपी से अधिक महंगी है। यूपी में जहां अभी भी घरेलू बिजली 5.81 रुपये यूनिट मिल रही है। उत्तराखंड में यही बिजली 6.16 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिल रही है। इंडस्ट्री को यूपी में 7.96 रुपये और उत्तराखंड में 8.24 रुपये यूनिट की दर से दिया जा रहा है। किसानों के सिंचाई के निजी ट्यूबवेल का बिल उत्तराखंड में 2.86 रुपये प्रति यूनिट आता है। यूपी में यही बिल 2.35 रुपये प्रति यूनिट की दर से आता है।

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बिजली सप्लाई यूपी में महंगी

यूपी में 9.89 रुपये प्रति यूनिट तो उत्तराखंड में 8.87 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली सप्लाई हो रही है। इंडस्ट्री एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि राज्य में घरेलू, किसान, बीपीएल बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली सस्ती बिजली में कोई सहयोग नहीं किया जाता।

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दूसरे राज्यों में सब्सिडी की राहत

उत्तराखंड में महंगी बिजली की बड़ी वजह ऊर्जा निगम को शासन स्तर से बिलों में वित्तीय सहायता न मिलना है। उत्तराखंड में शासन की ओर से सिर्फ 100 करोड़ की सब्सिडी 100 यूनिट से कम वाले बिलों में मिलती है। जबकि यूपी में 19094 करोड़ की सब्सिडी दी जाती है। इससे किसानों, छोटे घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिल पाती है। हिमाचल में 943 करोड़, पंजाब में 16892 करोड़, कर्नाटक 30434 करोड़, राजस्थान 29846 करोड़, मध्य प्रदेश 26796 करोड़ दी जाती है। 26 राज्य 238332 करोड़ की कुल सब्सिडी दे रहे हैं।

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वर्षवार इस तरह हुई वृद्धि

वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक बिजली दरों में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में अलग-अलग रुझान देखने को मिले हैं। 2021-22 में उत्तराखंड में प्रति यूनिट दर 4.62 रुपये और यूपी में 5.79 रुपये थी, जो 2022-23 में बढ़कर क्रमशः 4.72 और 6.99 रुपये हो गई। 2023-24 में यह दर उत्तराखंड में 5.33 और यूपी में 7.18 रुपये तक पहुंची, जबकि 2024-25 में उत्तराखंड में बढ़कर 5.82 रुपये हो गई लेकिन यूपी में गिरकर 5.43 रुपये रह गई। 2025-26 में फिर से दोनों राज्यों में बढ़ोतरी दर्ज हुई, जहां उत्तराखंड में दर 6.16 रुपये और यूपी में 5.81 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गई।

विद्युत नियामक आयोग अध्यक्ष एमएल प्रसाद का कहना है कि अन्य राज्यों में सब्सिडी का प्रावधान है। उत्तराखंड में सब्सिडी नहीं है। इसके बावजूद उत्तराखंड में अन्य राज्यों से बहुत अधिक महंगी बिजली नहीं है। कई मामलों में दूसरे राज्यों से अधिक सस्ती बिजली मिलती है।

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