जनगणना में गलत जानकारी देने पर जुर्माना, पति का नाम बताना जरूरी नहीं
Census: जनगणना निदेशालय की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है कि गलत जानकारी देने पर जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा महिला के लिए उसके पति का नाम बताना जरूरी नहीं है।

Census: उत्तराखंड में शुरू होने जा रही जनगणना के दौरान यदि कोई अपने बारे में गलत जानकारी दर्ज कराता है तो उस पर जुर्माना लग सकता है। यही नहीं, जनगणना में बाधा डालने पर भी जुर्माने का प्रावधान है। निदेशालय ने यह नोटिफिकेशन जारी किया है। जनगणना के प्रश्नों के दौरान महिला के लिए पति का नाम बताना जरूरी नहीं है।
राज्यभर में जनगणना के तहत 10 अप्रैल से स्वगणना शुरू होनी है। 15 दिन इस प्रक्रिया के बाद 25 अप्रैल से 24 मई तक भवन गणना होगी। इसको लेकर ड्यूटी और जवाबदेही के संदर्भ में जारी नोटिफिकेशन में सख्त नियम हैं। यदि कोई व्यक्ति जनगणना के दौरान गलत जानकारी दर्ज कराता है तो एक हजार रुपये तक जुर्माना लग सकता है।
बाधा डालने पर भी जुर्माने का दंड
जनगणना में बाधा डालने पर या जनगणना कार्यालय में बिना अनुमति प्रवेश करने भी एक हजार के जुर्माने का प्रावधान है। कोई कर्मचारी ड्यूटी से इनकार करता है तो तीन साल तक कैद हो सकती है। नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने मकान पर पोस्टर चिपकाने या नंबर आदि लिखने से भी इनकार नहीं कर सकता। पोस्टर हटाने या लिखा हुआ मिटाए जाने पर भी आप कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
महिला के लिए पति का नाम बताना जरूरी नहीं
केंद्र से जारी हुए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कई जगह परिवार की महिला सदस्य का नाम नहीं बताए जाने की परंपरा होती है। जबकि, कहीं पर महिला पति का नाम नहीं लेतीं। ऐसी स्थिति में दोनों को ही नाम न बताने की छूट दी गई है। हालांकि, यह व्यवस्था उन्हीं क्षेत्रों के लिए है, जहां पर इस तरह की परंपरा है।
जनगणना निदेशक ईवा आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि जनगणना के दौरान लोग सही जानकारी दें और काम में किसी भी तरह से बाधा न डालें, इसके लिए स्पष्ट तौर पर नियम बनाए गए हैं। साथ ही जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों के लिए भी नियमों का पालन करना जरूरी है। इस संदर्भ में केंद्र सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
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