उत्तराखंड: हर साल शिक्षा पर 40 फीसदी खर्च बढ़ा, फिर भी स्कूलों में कम हो गए इतने हजार बच्चे
राज्य में शैक्षिक स्थिति की यह चिंताजनक तस्वीर खुद शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि हर साल 40 फीसदी खर्च बढ़ाने के बावजूद करीब 60 हजार बच्चे स्कूलों से कम हो गए हैं।

उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों का खर्च हर साल बढ़ रहा है, लेकिन उसके सापेक्ष छात्र संख्या और गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है। राज्य में शैक्षिक स्थिति की यह चिंताजनक तस्वीर खुद शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में सामने आया है कि हर साल 40 फीसदी खर्च बढ़ाने के बावजूद करीब 60 हजार बच्चे स्कूलों से कम हो गए हैं।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश में विद्यालयों, छात्र संख्या और क्लस्टर स्कूलों के निर्माण को लेकर 31 पेज की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। विभाग ने 11 जुलाई को यह रिपोर्ट मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन को सौंपी। इस रिपोर्ट में सरकारी शिक्षा की स्याह हकीकत सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में बीते पांच साल में छात्रों पर होने वाले सालाना खर्च में 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। इसके बावजूद स्कूलों में बजाए छात्र संख्या के बढ़ने के छह प्रतिशत यानि 60 हजार तक कम हो गई। इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा कराए गए राष्ट्रीय शैक्षिक प्रदर्शन सूचकांक और परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में भी उत्तराखंड की स्थिति काफी कमजोर पाई गई थी। जबकि इससे पिछले सर्वे में उत्तराखंड बेहतर रहा था।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक, डॉ मुकुल कुमार सती ने बताया कि छात्र और स्कूल संख्या के लिहाज से सरकारी स्कूलों की स्थिति का अध्ययन किया था। उसके जो नतीजे सामने आए, वो निसंदेह विचारणीय हैं। अब सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या और गुणवत्ता में सुधार के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे, इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।
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माध्यमिक स्कूल में प्रति छात्र पर खर्च
बेसिक में खर्च
वर्ष- छात्र संख्या -खर्च
2020-21 551917 0.79
2021-22 556540 0.81
2022-23 551359 0.94
2023-24 505853 1.09
2024-25 505853 1.15
वर्ष- छात्र संख्या- खर्च
2020-21 457580 0.64
2021-22 519462 0.58
2022-23 488604 0.70
2023-24 455152 0.78
2024-25 442843 0.85
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