उपनल: कर्मचारियों के लिए समान कार्य-समान वेतन का शासनादेश जारी, जानें किन्हें मिलेगा फायदा?
आदेश के अनुसार, उपनलकर्मियों को यह लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। प्रथम चरण में केवल उन्हीं कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया गया है, जिन्होंने 25 नवंबर 2025 तक 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो। सरकार ने पात्रता के लिए 12 नवंबर 2018 को कट ऑफ डेट माना है।

सरकार ने दस वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर चुके उपनल कर्मचारियों को समान कार्य का समान वेतन देने का आदेश मंगलवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार, विभागों में मंजूर पदों पर कार्यरत उपनल कर्मियों को ही पद के मुताबिक समान वेतन मिलेगा। साथ ही कर्मचारी के पास संबंधित पद की शैक्षिक अर्हता होनी भी जरूरी होगी। सैनिक कल्याण सचिव दीपेंद्र चौधरी ने यह आदेश जारी किया।
आदेश के अनुसार, उपनलकर्मियों को यह लाभ चरणबद्ध तरीके से दिया जाएगा। प्रथम चरण में केवल उन्हीं कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया गया है, जिन्होंने 25 नवंबर 2025 तक 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी कर ली हो। सरकार ने पात्रता के लिए 12 नवंबर 2018 को कट ऑफ डेट माना है।
आदेश को लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जो कर्मचारी, स्वीकृत पद के सापेक्ष नियुक्त नहीं हुए हैं या पद के लिए आवश्यक शैक्षिक अर्हता नहीं रखते, सरकार ने उन्हें भी राहत दी है। ऐसे कर्मचारियों को न्यूनतम श्रेणी का स्वीकृत मानदेय दिया जाएगा।
लंबे समय से मांग कर रहे थे कर्मी
कर्मचारियों को पद के सापेक्ष ही न्यूनतम वेतनमान-महंगाई भत्ता मिलेगा। मालूम हो उपनल कर्मचारी लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग कर रहे थे। लंबी कवायद के बाद सरकार ने 15 जनवरी को मांग मान ली थी।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उपनल कर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन प्रदान कर दिया गया है। सरकार कार्मिक हितों के लिए पहले दिन से ही प्रतिबद्ध है। हम प्रदेश हित में हर जटिल मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने के लिए तैयार हैं।
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