गैंगस्टर विक्रम हत्याकांड: पुलिस ऑफिसर के भाई ने की थी शूटरों की मदद? ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया
पुलिस इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जता रही है। विक्रम शर्मा की हत्या में जमशेदपुर के गिरोह का नाम सामने आया है। इस मामले में सीसीटीवी के माध्यम से बागबेड़ा के विशाल सिंह, आशुतोष सिंह और आकाश प्रसाद की पहचान की गई है।

गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या में देहरादून पुलिस ने जमशेदपुर के बागबेड़ा निवासी राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। राजकुमार एक पुलिस अधिकारी के भाई है। पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ले गई। राजकुमार सिंह चार दिन से पुलिस हिरासत में था।
पुलिस ने राजकुमार सिंह को इसलिए गिरफ्तार किया, क्योंकि उसके बैंक खाते से हरिद्वार में शूटरों द्वारा किराए पर ली गई बाइक का भुगतान किया गया था। इसी लिंक के आधार पर पुलिस ने उन्हें आरोपी मानते हुए हिरासत में लिया।
केस के अनुसंधानकर्ता (आईओ) की अनुपस्थिति के कारण उन्हें तुरंत उत्तराखंड पुलिस को नहीं सौंपा जा सका। बाद में, आईओ के आने के बाद उनकी लिप्तता के प्रमाण कोर्ट में पेश किए गए और ट्रांजिट रिमांड मांगी गई। अदालत में बचाव पक्ष से अधिक्वताओं ने बहस की उसके बाद उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून पुलिस को सौंप दिया गया।
और गिरफ्तारियां जल्द
पुलिस इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियों की संभावना जता रही है। विक्रम शर्मा की हत्या में जमशेदपुर के गिरोह का नाम सामने आया है। इस मामले में सीसीटीवी के माध्यम से बागबेड़ा के विशाल सिंह, आशुतोष सिंह और आकाश प्रसाद की पहचान की गई है।
13 फरवरी को हुई थी गैंगस्टर विक्रम की हत्या
13 फरवरी को देहरादून की राजधानी में सिल्वर सिटी मॉल के पास हुई गोलीबारी में विक्रम शर्मा की हत्या कर दी गई थी। विक्रम शर्मा मूल रूप से उत्तराखंड के काशीपुर जिले के बाजपुर का निवासी था, लेकिन उसकी आपराधिक गतिविधियां जमशेदपुर में चलती थीं।
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