Gangster to Businessman How Vikram Sharma get Pistol and Stone Crusher Licences in Uttarakhand गैंगस्टर से कारोबारी; विक्रम शर्मा को उत्तराखंड में किसने दिलाया पिस्टल और स्टोन क्रशर लाइसेंस?, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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गैंगस्टर से कारोबारी; विक्रम शर्मा को उत्तराखंड में किसने दिलाया पिस्टल और स्टोन क्रशर लाइसेंस?

Gangster Vikram Shamra Case: गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता लगा है कि उत्तराखंड में सिस्टम उसे पाल रहा था। उसने पिस्टल और स्टोन क्रशर का लाइसेंस हासिल किया था।

Tue, 17 Feb 2026 08:38 AMGaurav Kala देहरादून
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गैंगस्टर से कारोबारी; विक्रम शर्मा को उत्तराखंड में किसने दिलाया पिस्टल और स्टोन क्रशर लाइसेंस?

Gangster Vikram Shamra Case: झारखंड का कुख्यात अपराधी विक्रम शर्मा उत्तराखंड में सिर्फ छिपा नहीं था, बल्कि यहां के सिस्टम ने उसे पाल-पोसकर और मजबूत किया। विक्रम हत्याकांड की जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि जिस पिस्टल को वह अपनी सुरक्षा के लिए रखता था, उसका लाइसेंस उसे ऊधमसिंह नगर जिला प्रशासन से मिला था। इतना ही नहीं उसने वहीं से स्टोन क्रशर का लाइसेंस भी हासिल कर लिया था।

सवाल यह उठ रहा है कि जिस शख्स पर झारखंड में हत्या समेत तमाम गंभीर अपराधों के मुकदमे दर्ज हों। वर्ष 2014 से 2017 तक उत्तराखंड, खासकर देहरादून को अपनी पनाहगाह बनाने के बाद झारखंड पुलिस के हत्थे चढ़ा हो, उसने वर्ष 2021 में जेल से छूटने के बाद फिर यहां अपनी जड़ें कैसे मजबूत कर ली। स्टोन क्रशर लाइसेंस और असलहे के लाइसेंस देते वक्त तमाम सत्यापनों का प्रावधान है₹। आम आदमी लाइसेंस के लिए वर्षों चक्कर काटते रहे हैं। ऐसे में ऊधमसिंह नगर पुलिस ने विक्रम का चरित्र अच्छा कैसे बना दिया। यह स्थानीय पुलिस की घोर लापरवाही थी या फिर जानबूझकर की गई गलती?

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भाई की मेंबरशिप पर गया जिम

झारखंड के गैंगवार से बचने के लिए दून में छिपा विक्रम शर्मा जिस जिम के बाहर मारा गया, उसकी मेंबरशिप विक्रम के भाई अरविंद शर्मा ने खरीदी थी। कुछ वक्त पहले भाई ने एनी टाइम फिटनेस, सिल्वर सिटी माल की मेंबरशिप विक्रम को ट्रांसफर कर दी। इससे पहले विक्रम सहस्रधारा रोड स्थित अपनी सोसायटी के पास वाले जिम में जाता था। जिस जिम के बाहर हत्या हुई, वह घर से काफी दूर है। विक्रम के भाई से पुलिस ने पूछताछ की है।

देहरादून में किरायेदारी का सत्यापन तक नहीं

देहरादून में सहस्रधारा रोड पर पॉश ग्रीन व्यू सोसाइटी में विक्रम रह रहा था, वहां भी नियम-कानून ताक पर थे। मकान मालिक ने उसका पुलिस सत्यापन कराने की जहमत नहीं उठाई। पॉश सोसाइटी होने के कारण पुलिस भी यहां सत्यापन के लिए घुसने की हिम्मत नहीं कर पाई। हत्याकांड के बाद जागी पुलिस ने अब मकान मालिक का पुलिस ऐक्ट में चालान किया है।

आज से बेटी की बोर्ड परीक्षा

एक तरफ घर में पिता की मौत का मातम है, तो दूसरी तरफ करियर का सबसे बड़ा इम्तिहान। विक्रम शर्मा की बेटी के लिए मंगलवार का दिन बेहद मुश्किल भरा है। आज से उसकी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। वह कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल की छात्रा है।

एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल का कहना है कि विक्रम शर्मा के पास मिला असलहे का लाइसेंस ऊधमसिंह नगर से जारी किया गया। इसमें किए गए सत्यापन रिपोर्ट की जांच की जा रही है। अन्य पहलू भी पुलिस ने जांच में शामिल किए हैं।

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