हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी! देहरादून एयरपोर्ट पर अब ‘डिजी यात्रा’ सुविधा, जानें क्या फायदे मिलेंगे
ये सुविधा यात्रियों को चेक-प्वाइंट्स पर पेपरलैस और कॉन्टेक्टलैस चेक-इन की सुविधा देती है। समय की यह बचत सबसे ज्यादा एंट्री गेट्स पर दिखाई देती है, जो अक्सर एयरपोर्ट के सबसे भीड़भाड़ वाले हिस्सों में से एक होते हैं।

देहरादून के जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर चेक-इन करते वक्त अब आपको ज्यादा समय नहीं लगेगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने रविवार को राजकोट से देहरादून एयरपोर्ट पर वर्चुअली डिजी यात्रा (Digi Yatra) सुविधा को लॉन्च कर दिया। एयरपोर्ट पर इस सुविधा के शुरू होने से यात्री बिना किसी रुकावट के चेहरे की पहचान के जरिए एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकेंगे, जिससे मैन्युअल चेकिंग की जरूरत खत्म हो जाएगी। ये सुविधा उन यात्रियों के लिए बेहद फायदेमंद है जो कि नियमित हवाई यात्रा करते हैं।
सुविधा के शुरू होने से एयरपोर्ट पर चेक-इन के दौरान लगने वाले समय, बोर्डिंग पास, लाइन में लगने की झंझट आदि से मुक्ति मिलेगी। बता दें कि ये सुविधा देश के कुछ ही बड़े एयरपोर्ट्स पर है। ये सुविधा यात्रियों को चेक-प्वाइंट्स पर पेपरलैस और कॉन्टेक्टलैस चेक-इन की सुविधा देती है। समय की यह बचत सबसे ज्यादा एंट्री गेट्स पर दिखाई देती है, जो अक्सर एयरपोर्ट के सबसे भीड़भाड़ वाले हिस्सों में से एक होते हैं।
यात्रियों की आवाजाही आसान हो गई है
ये सुविधा उन एयरपोर्ट्स के लिए बेहद कारगर है जहां पर यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। इन एयरपोर्ट्स पर फिजिकल वेरफिकेशन में काफी समय लगता है। मगर जिन एयरपोर्ट्स पर ये सुविधा है वहां फिजिकल वेरिफिकेशन में लगने वाला समय काफी कम हो गया है। इससे यात्रियों की आवाजाही आसान हो गई है, खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय (पीक आवर्स) के दौरान।
सुरक्षा जांच से गुजरने में लगभग 2-3 मिनट
जॉली ग्रांट एयरपोर्ट के निदेशक बीसीएच नेगी कहा कि 'डिजी यात्रा सुविधा यात्रियों के लिए बेहद काम की है। यह डिर्पाचर एंट्री गेट से लेकर बोर्डिंग गेट तक, एयरपोर्ट के भीतर लगने वाले समय को काफी कम कर देती है। हमारा डिजीयात्रा सिस्टम सिक्योरिटी चेकपॉइंट्स पर भी लगा हुआ है, इसलिए एप का इस्तेमाल करने वाले यात्री काफी तेजी से एंट्री कर सकेंगे। वहीं एक सामान्य यात्री जो डिजी यात्रा सुविधा का इस्तेमाल नहीं करता है उसे सुरक्षा जांच से गुजरने में लगभग 2-3 मिनट लग सकते हैं, वहीं एक डिजीयात्रा उपयोगकर्ता को केवल एक मिनट लगेगा। यह एक ऐसा यात्रा अनुभव देता जो पूरी तरह से पेपरलेस), कॉन्टैक्टलेस और निर्बाध है, जिससे यात्रियों को किसी भी फिजिकल दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होती है।'
पैसेंजर ने साझा किया अनुभव
यात्री दिव्या सिंघानिया न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि, ‘मैं देहरादून से जयपुर जा रही हूं। छुट्टी के बाद घर लौट रही हूं। मुझे लगता है कि आज देहरादून एयरपोर्ट पर डिजी यात्रा सुविधा का पहला दिन है, जिसकी वजह से हमें काफी सुविधा मिल रही है। अगर हर एयरपोर्ट पर ये सुविधा हो, तो यात्रियों को चेक-इन से लेकर सुरक्षा जांच तक हर प्रक्रिया में बहुत आसानी होगी। उन्हें लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा और उनका समय भी बर्बाद नहीं होगा। यह सरकार की एक बहुत अच्छी पहल है।’
डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है
आपको बता दें कि डिजी यात्रा में बायोमेट्रिक डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है जिससे यात्रियों की प्राइवेसी बनी रहती है। यात्रियों को डिजी यात्रा (Digi Yatra) प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करने या इसके जरिए यात्रा करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है।
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