देहरादून में पीजी कर रही मेडिकल छात्रा ने कार में की आत्महत्या, HOD के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मृतक तन्वी बीते काफी समय से डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रही थी, इसी वजह से उसकी मां भी अंबाला से देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी थीं। मंगलवार रात अपनी मां को भेजे एक मैसेज में उसने बताया था कि वह रात 12:30 बजे तक अस्पताल से घर लौट आएगी।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 25 साल की एक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल छात्रा ने अपनी कार में आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान तन्वी मोहन पिता डॉ. ललित मोहन के रूप में हुई है, जो कि हरियाणा के अंबाला शहर की रहने वाली थी। उसके परिवार वालों ने इस घटना के लिए उसके विभाग की HoD को जिम्मेदार बताते हुए उन पर छात्रा का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित विभाग की प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
तन्वी को बुधवार सुबह उसके पिता ने कारगी रोड पर खड़ी उसकी कार में बेहोशी की हालत में पाया था। जिसके बाद वह तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस के अनुसार, जब पिता ने युवती को देखा तो उसके हाथ में एक कैनुला लगा हुआ था और कार के अंदर इंजेक्शन की कई शीशियां पड़ी हुई थीं।
नेत्र विभाग की छात्रा था मृतक
मृतक युवती के परिजनों का आरोप है कि नेत्र विज्ञान (ऑप्थेल्मोलॉजी) विभाग की HOD डॉ. प्रियंका गुप्ता उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थीं, जिसके कारण उसे इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। मृतक के पिता डॉ. ललित मोहन ने इस मामले को लेकर पुलिस के पास औपचारिक शिकायत भी दर्ज करा दी है। जिसके बाद पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बीते काफी समय से डिप्रेशन में थी तन्वी
पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि मृतक तन्वी बीते काफी समय से डिप्रेशन (अवसाद) से जूझ रही थी, इसी वजह से उसकी मां भी अंबाला से देहरादून आकर उसके साथ रहने लगी थीं। पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय तन्वी ने मंगलवार रात अपनी मां को एक मैसेज भेजा था, जिसमें उसने बताया था कि वह रात 12:30 बजे तक अस्पताल से घर लौट आएगी। हालांकि, जब काफी देर हो जाने के बाद भी वह घर नहीं लौटी और उसने फोन भी नहीं उठाया, तो उसकी मां ने अंबाला में ही मौजूद उसके पिता को इस बात की जानकारी दी।
खबर नहीं मिलने पर बेटी को खोजने रात को ही पहुंचे माता-पिता
पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसके पिता उसी रात गाड़ी चलाकर अंबाला से देहरादून पहुंचे और पत्नी के साथ बेटी की तलाश शुरू की। पुलिस ने आगे बताया कि ढूंढते समय उन्हें तन्वी की कार दिखाई दी, जिसके अंदर वह बेहोश पड़ी हुई थी। तब तन्वी के पिता ने किसी तरह एक पत्थर से कार का शीशा तोड़कर बेटी को बाहर निकाला और तुरंत उसे अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सच्चाई का पता लगाने के लिए अन्य लोगों से भी होगी पूछताछ
उधर पुलिस ने पुष्टि करते हुए बताया कि तन्वी के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, साथ ही इस मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। उत्पीड़न के आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए विभाग के अन्य छात्रों और स्टाफ से भी पूछताछ की जा सकती है।
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