पैसों के लालच में बेटे का कत्ल करवाया, शहीद की पत्नी अब जेल से ही चला रही कारोबार
Arjun Sharma Murder: शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा हत्याकांड अब अजीबोगरीब कानूनी मोड़ पर खड़ा है। जिस संपत्ति और गैस एजेंसी की कमाई के लिए मां ने बेटे के कत्ल की कथित साजिश रची, आज उसी एजेंसी का संचालन जेल की सलाखों के पीछे से हो रहा है।

Arjun Sharma Murder: देहरादून में शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा की हत्या का मामला अब केवल एक सनसनीखेज गोलीकांड नहीं, बल्कि संपत्ति, पारिवारिक विवाद और कानूनी उलझनों में फंस गया है। पैसों के लालच में मां के हत्या में संलिप्तता ने जहां पूरे शहर को झकझोर कर दिया है। वहीं दूसरी ओर अब उसी संपत्ति और गैस एजेंसी का संचालन मां जेल की सलाखों के पीछे से कर रही है।
सूत्रों के अनुसार अर्जुन शर्मा की अमरदीप गैस एजेंसी के वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों और चेक पर उनकी मां बीना शर्मा ही हस्ताक्षर कर रही हैं, जो फिलहाल हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। एजेंसी के एक वरिष्ठ कर्मचारी ने बताया कि जेल मैनुअल के प्रावधानों के तहत जब भी बीना शर्मा किसी आधिकारिक दस्तावेज या चेक पर हस्ताक्षर करती हैं, तो उस पर जेलर की विशेष टिप्पणी और मुहर लगाई जाती है।
बिना जेल प्रशासन की पुष्टि के बैंक या संबंधित विभाग उन दस्तावेजों को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। कानूनी तौर पर एजेंसी का स्वामित्व और वित्तीय अधिकार बीना शर्मा के नाम होने के कारण संचालन की यह असामान्य व्यवस्था अपनाई जा रही है।
तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े गोलीकांड
देहरादून में 11 फरवरी की सुबह तिब्बती मार्केट के समीप हुए गोलीकांड ने पूरे शहर को दहला दिया था। सुबह करीब साढ़े दस बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को गोली मार दी गई है। घायल अर्जुन शर्मा को दून अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि अर्जुन नियमित रूप से परेड ग्राउंड में टेनिस खेलने जाया करते थे।
पारिवारिक विवाद और 14 करोड़ संपत्ति का लालच
परिजनों ने पुलिस को बताया कि अर्जुन का कुछ लोगों के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। पारिवारिक कलह की भी जानकारी सामने आई। मृतक के परिजनों ने चार लोगों पर हत्या की आशंका जताई थी। जांच में सामने आया कि करीब 14 करोड़ रुपये की एक बहुमूल्य जमीन का एग्रीमेंट हुआ था, जिसमें अर्जुन का भी हिस्सा था। उनकी पत्नी अभिलाषा शर्मा के अनुसार, उन्होंने इस सौदे पर आपत्ति जताते हुए सिविल कोर्ट से स्टे ऑर्डर भी लिया था, जिससे दाखिल-खारिज की प्रक्रिया रुक गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी विवाद ने साजिश को जन्म दिया।
पुलिस मुठभेड़ और मां की संलिप्तता सामने आई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कीं। दो आरोपियों की शिनाख्त के बाद घेराबंदी की गई। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वे घायल हो गए। उन्हें कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जांच में खुलासा हुआ कि पकड़ा गया आरोपी पंकज राणा, विनय उर्फ विजय उनियाल के यहां ड्राइवर था। दूसरा आरोपी उसका सगा भाई है। दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हत्याकांड की साजिशकर्ता अर्जुन की मां थी। पुलिस के अनुसार हत्या के बदले तीन लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि नौ लाख रुपये बाद में देने की बात तय थी। कॉल डिटेल और व्हाट्सएप कॉल रिकॉर्ड से लगातार संपर्क की पुष्टि हुई है।
तेरहवीं पर पहुंची मां, पत्नी ने गंगा में विसर्जित किए पुष्प
बीते रविवार को अर्जुन शर्मा का तेरहवीं संस्कार संपन्न हुआ। इस भावुक अवसर पर कत्ल की साजिश में नामजद उनकी मां बीना शर्मा को विशेष सुरक्षा के बीच जेल से घर लाया गया था। जहां एक ओर घर में गमगीन माहौल था, वहीं दूसरी ओर आरोपी मां की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। अगले ही दिन सोमवार को अर्जुन की पत्नी अभिलाषा शर्मा हरिद्वार पहुंचीं। उन्होंने नम आंखों के साथ गंगा की पावन लहरों में अर्जुन के पुष्प विसर्जित किए और उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की।
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