देहरादून में शहीद के बेटे को गोलियों से भूनने वालों का पुलिस एनकाउंटर, 24 घंटे के भीतर ऐक्शन
देहरादून तिब्बती मार्केट में हुए शहीद कर्नल के गैस एजेंसी संचालक बेटे अर्जुन शर्मा हत्याकांड के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। गोली मारकर मौत के घाट उतारने वाले बदमाश पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए हैं।

राजधानी देहरादून के तिब्बती मार्केट में शहीद कर्नल आरसी शर्मा के पुत्र और गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की हत्या के 24 घंटे के भीतर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों आरोपी पुलिस संग मुठभेड़ में घायल हुए हैं। शहर में चल रही सघन नाकेबंदी और तलाशी अभियान के दौरान यह कार्रवाई दो अलग-अलग स्थानों पर हुई।
पुलिस के अनुसार, पहली मुठभेड़ रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में हुई, जहां संदिग्धों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे मौके से पकड़ लिया गया। इसके बाद मिली सूचना के आधार पर दूसरी कार्रवाई लालतप्पड़ क्षेत्र की एक खंडहर पड़ी फैक्ट्री में की गई। यहां भी पुलिस टीम पर फायरिंग की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में दूसरे आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
24 घंटे के भीतर पुलिस ऐक्शन
दोनों घायलों को उपचार के लिए कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने अस्पताल पहुंचकर आरोपियों की स्थिति और पूरी कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से तमंचे और वारदात में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की गई है।

बड़ा खुलासा करेगी दून पुलिस
एसएसपी के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम और साजिश के पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात के पीछे किसका इशारा या सहयोग था।
हत्याकांड से पहले की थी रेकी
हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस का दावा है कि जिस तरह से हत्या की गई है, यह भाड़े के शूटरों का काम है। पुलिस के अनुसार, शूटरों ने घटना को अंजाम देने से पहले पूरी रेकी की थी। पुलिस ने बताया कि अर्जुन फल खरीदकर अपनी गाड़ी की तरफ बढ़े, तब कार से करीब दस कदम पहले घात लगाकर खड़े हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। फल विक्रेता अयान और उम्मीद ने पुलिस को बताया कि अर्जुन तीन अनानास लेकर लौट रहे थे तभी उन्हें गोली मार दी गई।
पांच साल से मां-बेटे में थी रार
अर्जुन की हत्या की वजह पिता से विरासत में मिली संपत्ति बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार अमित और उसकी मां के बीच पिछले पांच वर्षों से अमरदीप गैस एजेंसी की कमाई और अन्य संपत्तियों को लेकर विवाद चला आ रहा था। पत्नी अभिलाषा का आरोप है कि उनकी सास बीना शर्मा, विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और डॉ. अजय खन्ना के साथ मिलकर पैसों का लेनदेन कर रही थीं।
अर्जुन इस बात का कड़ा विरोध करते थे। क्योंकि, यह कर्नल की विरासत का हिस्सा था। इसी विरोध के कारण मां-बेटे के बीच रंजिश इतनी गहरी हो गई कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। पुलिस को दी गई तहरीर में मृतक की पत्नी अभिलाषा ने दावा किया है कि अर्जुन के पैसों के लेनदेन पर आपत्ति जताने और कानूनी लड़ाई लड़ने के कारण ही इन लोगों ने मिलकर भाड़े के शूटरों से उनकी हत्या करवाई। पुलिस सभी नामजद आरोपियों की भूमिका की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या शूटरों को सुपारी इन पारिवारिक विवादों के चलते दी गई थी।
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