CharDham Yatra countdown 120 Road Still Incomplete Kedarnath Yamunotri Routes Maximum Landslide Risk 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा, 120 जगह सड़कें अधूरी; केदारनाथ-यमुनोत्री मार्ग पर सबसे अधिक भूस्खलन, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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19 अप्रैल से चारधाम यात्रा, 120 जगह सड़कें अधूरी; केदारनाथ-यमुनोत्री मार्ग पर सबसे अधिक भूस्खलन

Char Dham Yatra: 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है। लेकिन अभी भी सड़कों को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सका है। चार दिन में 120 जगह सड़क बनाने की चुनौती है। केदारनाथ और यमुनोत्री मार्ग सबसे अधिक संवेदनशील हैं।

Sun, 12 April 2026 09:01 AMGaurav Kala देहरादून
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19 अप्रैल से चारधाम यात्रा, 120 जगह सड़कें अधूरी; केदारनाथ-यमुनोत्री मार्ग पर सबसे अधिक भूस्खलन

CharDham Yatra: चारधाम यात्रा को शुरू होने में अब सिर्फ एक सप्ताह का समय शेष है। लेकिन अभी तक सड़कों को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सका है। सरकार ने सड़कों को ठीक करने के लिए 15 अप्रैल तक की डेटलाइन तय की थी। चार दिन में यह लक्ष्य कैसे हासिल होगा इस पर संशय बना हुआ है।

दरअसल, चारधाम यात्रा मार्ग पर पिछली बरसात में बड़े स्तर पर भूस्खलन हुए थे। जिससे सड़कों की स्थिति पिछले सालों के मुकाबले ज्यादा खराब थी। लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार यात्रा मार्ग पर कुल 207 भूस्खलन जोन चिह्नित किए गए थे जिसमें से 120 पर अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। इसके अलावा 40 स्थान ऐसे हैं जहां पर ट्रीटमेंट का काम भी अधूरा है। लोक निर्माण विभाग ने चारधाम की सड़कों को पूरी तरह ठीक करने के लिए सभी डिविजनों को 15 अप्रैल तक की डेटलाइन दी है। लेकिन चार दिन में 120 भूस्खलन जोन पर काम पूरा हो जाएगा इसको लेकर संशय है। ऐसे में यात्रा शुरू होने के बाद यात्रा मार्ग पर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

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केदारनाथ और यमुनोत्री मार्ग सबसे ज्यादा संवेदनशील

केदारनाथ मार्ग पर गुप्तकाशी से गौरीकुंड के बीच 32 किमी का क्षेत्र भूस्खलन और सड़क खराब होने की वजह से बेहद संवेदनशील है। यात्रा मार्ग पर गुप्तकाशी के बाद से ही जाम की स्थिति बन जाती है। फिर नाला, नारायणकोटी, खुमेरा, ब्यूंग गाड़ और फाटा, मुनकटिया और गौरीकुड स्लाइडिंग जोन में सड़क की स्थिति खराब बनी हुई है। इधर यमुनोत्री रूट पर धरासू और कुठनोरी मार्ग के बीच 17 स्लाइडिंग जोन हैं। इसके अलावा ओजरी, डाबरकोट, स्यानाचट्टी, जंगलचट्टी, नारदचट्टी और हनुमानचट्टी जैसे क्षेत्रों में भी भूस्खलन की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा बदरीनाथ हाईवे पर कुल 22 भूस्खलन जोन पर अभी काम चल रहा है। जबकि गंगोत्री मार्ग भी कई स्थानों पर भूस्खलन की वजह से खराब स्थिति में है।

श्यामपुर-गुमानीवाला बना जाम का नया जोन

ऋषिकेश-हरिद्वार हाईवे पर खदरी रेलवे फाटक से गुमानीवाला के बीच जाम का नया जोन बन गया है। हाईवे किनारे अतिक्रमण और सड़क पर बने गड्ढे हर दिन वाहनों की रफ्तार रोक रहे हैं। खदरी रेलवे फाटक से गुमानीवाला के बीच करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक का समय लग रहा है। यात्रा सीजन में इस सड़क पर प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहन हरिद्वार-ऋषिकेश हाईवे से गुजरते हैं। खस्ताहाल हाईवे, अतिक्रमण से इन दिनों भी जाम की समस्या हो रही है।

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मोबाइल पर मिलेगी रोड बंद होने की सूचना

यात्रा मार्ग पर सड़कों की वजह से यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए इस बार सड़कों से जुड़ी रियल टाइम जानकारी भी यात्रियों को देने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही राजमार्ग जाम, भीड़ और आपात स्थिति की सूचना भी उन्हें वाट्सएप के जरिए मोबाइल पर दी जाएगी। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर साइन बोर्ड और क्यू आर कोड के जरिए भी सभी सूचनाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।

हाईवे पर जाम के 7 जोन

हाईवे पर श्यामपुर से नटराज चौक के बीच जाम के सात ऐसे जोन हैं, जिन्हें पार करने में वाहन चालकों के पसीने छूट जाते हैं। हाईवे संकरा होने के साथ खस्ताहाल में होने से वाहनों की रफ्तार ऑफ सीजन में भी धीमी रहती है।

केदारनाथ धाम में बिजली और पानी की आपूर्ति शुरू

केदारनाथ धाम में बर्फबारी के बीच यात्रा तैयारी करने में संबंधित विभागों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को धाम में बिजली की आपूर्ति बेहतर कर दी गई है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक 500 स्ट्रीट लाइटें लगा दी गई है। वहीं पेयजल आपूर्ति को भी शुरू कर दिया गया है। आगामी 22 अप्रैल को शुरू हो रही केदारनाथ के लिए अब महज 10 दिन का समय शेष बचा है ऐसे में यात्रा तैयारियों के लिए यात्रा से जुड़े विभाग युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। बीते कई दिनों की मेहनत के बाद जल संस्थान कर्मियों ने शनिवार को पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। जबकि बिजली की आपूर्ति को बेहतर कर दिया गया है। धाम में पहले से ही विद्युत आपूर्ति हो रही थी किंतु यात्रा को देखते हुए व्यवस्था और बेहतर कर दी गई है। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मनोज सती ने बताया कि केदारनाथ धाम में विद्युत आपूर्ति सुचारु कर दी गई है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक 500 स्ट्रीट लाइट लगा दी गई है। यात्रा शुरू होने तक विद्युत व्यवस्था और बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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केदारनाथ पैदल मार्ग से धाम तक 100 मजदूर हटा रहे बर्फ

केदारनाथ पैदल मार्ग से बर्फ को हटाया जा रहा है। बर्फ को काटते हुए रास्ता बेहतर बनाया जा रहा है। हालांकि धाम तक घोड़े-खच्चरों की भी आवाजाही से जरूरी सामान भिजवाया जा रहा है। शनिवार सुबह मौसम ठीक था इसलिए तेजी से बर्फ हटाने का काम किया गया। एसडीएम ऊखीमठ अनिल रावत ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग में लोनिवि गुप्तकाशी की मदद से 100 मजदूर बर्फ हटाने में लगे हैं। जल्द ही मार्ग को बेहतर कर दिया जाएगा।

डीएम-एसपी समेत भक्तों ने किए गाड़ू घड़ा के दर्शन

कर्णप्रयाग। शनिवार को डीएम गौरव कुमार और एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने लक्ष्मी नारायण मंदिर डिम्मर में गाड़ू घड़ा तेल कलश के दर्शन कर पूजा अर्चना की। अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं चाक चौबंद हैं। पार्किंग की समस्या नहीं होगी। भक्तों ने भी गाड़ू घड़ा के दर्शन किए। अब दूसरे चरण की यात्रा के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में लगा है।

केदारनाथ धाम में नहीं लगे अभी एक भी टेंट

रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम में यात्रा के लिए अभी टेंट लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है। लगातार हो रही बर्फबारी के चलते टेंट लगाने के काम शुरू करने में दिक्कतें आ रही है। चारों ओर बर्फ गिरी है। पहले बर्फ साफ करने के लिए काफी वक्त लग रहा है जबकि इसके बाद टेंट लगाने की कार्यवाही की जाएगी। ऊखीमठ एसडीएम अनिल रावत ने बताया कि इस बार केदारनाथ के लिए 150 टेंट के लिए ही आवदेन आए हैं जबकि बीते साल करीब 300 से अधिक टेंट लगे हैं हालांकि स्थानीय लोगों की मदद से और टेंट लगाने के प्रयास किए जाएंगे। बर्फबारी के चलते अभी तक केदारनाथ धाम में टेंट लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया है।

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