Char Dham Yatra Sees 32 Pilgrim Deaths In 19 Days, Kedarnath Worst Hit चार धाम यात्रा में 19 दिनों में 32 श्रद्धालुओं की मौत, केदारनाथ में सबसे ज्यादा गई जान, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

चार धाम यात्रा में 19 दिनों में 32 श्रद्धालुओं की मौत, केदारनाथ में सबसे ज्यादा गई जान

उत्तराखंड में चल रही चार धाम यात्रा से जुड़ी चिंता की खबर सामने आई है। तीर्थयात्रा के इस सीजन में पहले 19 दिनों में सेहत से जुड़ी दिक्कतों की वजह से कम से कम 32 तीर्थयात्रियों की मौत की खबर सामने आ चुकी है।

Thu, 7 May 2026 05:59 PMRatan Gupta लाइव हिन्दुस्तान
share
चार धाम यात्रा में 19 दिनों में 32 श्रद्धालुओं की मौत, केदारनाथ में सबसे ज्यादा गई जान

उत्तराखंड में चल रही चार धाम यात्रा से जुड़ी चिंता की खबर सामने आई है। तीर्थयात्रा के इस सीजन में पहले 19 दिनों में सेहत से जुड़ी दिक्कतों की वजह से कम से कम 32 तीर्थयात्रियों की मौत की खबर सामने आ चुकी है। ज्यादातर मौतें केदारनाथ मंदिर के रास्ते में हुई हैं। यहां 22 अप्रैल को मंदिर खुलने के बाद 17 तीर्थयात्रियों की जान चली गई है। चार धाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खुले थे।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल की तरह तीर्थयात्रा सीजन शुरू होने के बाद से चारों मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रहा है। अब तक हुई 32 मौतों में से, केदारनाथ में 17, बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री और गंगोत्री में 4-4 मौतें हुई हैं। केदारनाथ में अब तक सबसे ज़्यादा 3.44 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री आए हैं। लगभग 2 लाख भक्त बद्रीनाथ और 1 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री गंगोत्री और यमुनोत्री जा चुके हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली में कैंसर, लीवर की नकली दवाएं बेचने वाले 4 गिरफ्तार, 10 करोड़ का माल जब्त
ये भी पढ़ें:BJP का ISI से चोली दामन का साथ? मिशन पंजाब को संजय सिंह ने बताया- ब्लास्ट कराना

अधिकारियों के मुताबिक, मौतें हार्ट अटैक और ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों समेत कई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हुईं। चारों तीर्थस्थल ऊंचे हिमालयी इलाके में लगभग 3,000 मीटर की ऊंचाई पर हैं। उत्तराखंड हेल्थ डिपार्टमेंट ने पहले एक हेल्थ एडवाइज़री जारी की थी, जिसमें बुज़ुर्ग तीर्थयात्रियों और डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल चेक-अप करवाने को कहा गया था।

उत्तराखंड के फॉरेस्ट मिनिस्टर सुबोध उनियाल ने कहा कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान भी हेल्थ एडवाइजरी शेयर की गई थीं। एडवाइज़री में लिखा था, "अगर आपकी उम्र 55 साल है या आपको दिल की बीमारी, अस्थमा, हाइपरटेंशन या डायबिटीज़ की हिस्ट्री है, तो यात्रा के लिए फिट रहने के लिए हेल्थ चेक-अप करवाएं।" इसमें तीर्थयात्रियों से पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर जैसे बेसिक हेल्थ चेक इक्विपमेंट पैक करने के लिए भी कहा गया है।

उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार ने चार धाम रूट पर 47 खास हॉस्पिटल बनाए हैं और तीर्थयात्रा के मौसम के लिए 28 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के साथ करीब 400 डॉक्टर तैनात किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सभी ज़रूरी मेडिकल और इमरजेंसी इंतज़ाम किए गए हैं।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।