अब 4 दिन में पूरी करें चारधाम यात्रा, देहरादून से बदरी-केदारनाथ के लिए हवाई सेवा
Char Dham Yatra: अब चारधाम यात्रा महज चार दिन में पूरी हो रही है। पहले यात्रा पूरा करने में 7 दिन लग जाते थे। वहीं, अब देहरादून से बदरी-केदारनाथ के लिए हवाई सेवा भी शुरू हो गई है।

Char Dham Yatra: चारधाम यात्रा के पैटर्न में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जो यात्रा पहले सात से आठ दिन तक पूरी होती थी, अब उसे दो से चार दिन के भीतर पूरा किया जा सकता है। ऐसा राज्य में हाल में कनेक्टिविटी में सुधार और नए तीर्थ व पर्यटन हब विकसित होने की वजह से मुमकिन हो पाया है। यदि आप केवल दो धाम ही दर्शन करना चाहते हैं तो आप दो दिन में भी दर्शन कर सकते हैं।
चारधाम यात्रा पहले करीब एक सप्ताह में पूरी होती थी। लेकिन पिछले कुछ समय से यात्रा के समय में काफी कमी आ गई है। खासकर निजी वाहनों से यात्रा करने वाले यात्री ऋषिकेश से बदरीनाथ और गंगोत्री तक सात -आठ घंटे में पहुंचकर दर्शन कर वापसी भी कर रहे हैं। सड़कों की स्थिति में सुधार और यात्रा रूट पर जगह जगह होटल और होम स्टे आदि खुलने की वजह से चारधाम यात्रा में यह परिवर्तन महसूस किया जा रहा है। यात्री रात्रि विश्राम धाम की बजाए आसपास के स्थानों या फिर चारधाम मार्ग पर खुल रहे नए व सस्ते होटल, होम स्टे में कर रहे हैं।
हेली से एक दिन में हो रही केदारनाथ की यात्रा
देहरादून, दिल्ली जैसे इलाकों के लोगों की केदारनाथ यात्रा हेली से एक दिन में भी पूरी हो रही है। जॉलीग्रांट से यदि हेली है तो केदारनाथ तीन से चार घंटे लगेंगे। केदारनाथ के लिए यदि हेली गुप्तकाशी से ले रहे दो दिन में यात्रा पूरी हो रही है। हालांकि पैदल यात्रियों के लिए अभी भी यात्रा में दो दिन लग रहे हैं। इस वजह से केदारधाम के सभी होटल भी फुल चल रहे हैं।
बदरीनाथ धाम में 60 फीसदी यात्री ही रुक रहे
चार धाम होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश मेहता ने बताया कि बदरीनाथ धाम में धीरे धीरे यात्रा बढ़ रही है और 10 मई के बाद इसमें इजाफे की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ में 30 से 40 हजार श्रद्धालुओं के रुकने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन कर वापस लौट रहे हैं। जिससे होटल, लॉज, धर्मशालाओं के 60 फीसदी ही बुकिंग है।
शंकराचार्य ने दिया रात्रि विश्राम का सुझाव
ज्योतिष्पीठ बदरिकाश्रम के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द महाराज ने कहा बदरीनाथ जैसे पवित्र धाम में श्रद्धालु यात्री को कम से कम एक रात्रि अवश्य विश्राम करना चाहिए। यह साधना और पुण्य है। बदरीनाथ के पूर्व धर्माधिकारी भुवन उनियाल का भी यही मत है। उन्होंने कहा कि बदरीनाथ धाम के दर्शन के लिए आने वाले श्रधालुओं को एक रात धाम में अवश्य ठहरना चाहिए।
धामों की बजाए यहां भी जा रहे यात्री
● यमुनोत्री : जानकी चट्टी, हनुमान चट्टी, खरसाली, सप्तऋषि कुंड, लाखा मंडल, केदारकांठा ट्रैक, राणा चट्टी, त्रिवेणी संगम गंगनानी, ऋषियमदग्नि आश्रम।
● गंगोत्री : गौमुख ट्रैक, भोजवासा, तपोवन, सूर्यकुंड और गौरीकुंड, हर्षिल वैली, मुखवा, दयारा बुग्याल, गर्तांग गली, काशी विश्वनाथ मंदिर, नचिकेताताल, डोडीताल।
● केदारनाथ : भैरव नाथ मंदिर, वासुकीताल, गौरीकुंड, त्रियुगीनारायण, चोपता, तुंगनाथ, चंद्रशिला, गुप्तकाशी,मद्महेशवर, काली शिला, कार्तिक स्वामी और देवरियाताल।
● बदरीनाथ : माणा गांव, व्यास गुफा, गणेश गुफा, भीमशिला, औली, फूलों की घाटी, वसुधारा जल प्रपात, चरणपादुका, तप्तकुंड, नारदकुंड, ज्योर्तिमठ, संतोपथ झील, पांडुकेश्वर, आदिबद्री मंदिर, हेमकुंड साहिब।
2145 वाहनों के चालान, 61 सीज
देहरादून। चारधाम यात्रा पर नियम तोड़ने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग की पैनी नजर है। विभाग की चेकपोस्ट और यात्रा रूट पर यात्रा शुरू होने से लेकर अब तक 2,145 वाहनों के चालान किए गए और 61 वाहन सीज किए गए हैं। कुछ ऐसे वाहन भी हैं जिनका व्यावसायिक उपयोग अवैध रूप से हो रहा था या जिनके परमिट और फिटनेस में कमी थी। यात्रा मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए विभाग ने ब्रहमपुरी, भद्रकाली, कुठालगेट, बाड़वाला, सत्यनारायण और हरबर्टपुर में चेकपोस्ट बनाई हैं। विभिन्न चेकपोस्टों पर अब तक कुल 7,768 वाहनों की जांच की गई। इनमें से 456 वाहनों का चालान किया गया और छह वाहनों को सीज किया गया।
मानसून से पहले दुरुस्त होंगे यात्रा मार्ग
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को मानसून से पहले सुरक्षा व्यवस्था बेहतर करने के निर्देश दिए। गुरुवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग, बीआरओ, एनएचएआई और राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में ये निर्देश दिए।। बैठक का मुख्य एजेंडा मानसून सीजन शुरू होने से पहले चारधाम यात्रा मार्गों के सुदृढ़ीकरण और सुरक्षा उपायों को पुख्ता करना था। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा को सरल और सुगम बनाने के लिए सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों के ट्रीटमेंट कार्य प्राथमिकता से पूरे हों।
जौलीग्रांट हेलीपैड से केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के लिए गुरुवार को उड़ान सेवा शुरू हो गई। श्रद्धालुओं को एमआई-17 हेलीकॉप्टर से केदारनाथ और बदरीनाथ तक पहुंचाया जाएगा। जौलीग्रांट हेलीपैड से गुरुवार को बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए उड़ान शुरू होने से पूर्व पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद रुद्राक्ष एविएशन के एमआई-17 हेलीकॉप्टर ने 16 श्रद्धालुओं को लेकर सुबह करीब सात बजे उड़ान भरी।
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