BJP government announces Rs 1 lakh reward to help prevent forest fires amid raging wildfires in Uttarakhand उत्तराखंड में जंगलों की आग बुझाने वाले को 1 लाख इनाम, भाजपा सरकार का बड़ा ऐलान, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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उत्तराखंड में जंगलों की आग बुझाने वाले को 1 लाख इनाम, भाजपा सरकार का बड़ा ऐलान

उत्तराखंड के जंगलों में आग बुझाने के लिए भाजपा सरकार ने इनाम की घोषणा की है। वनाग्नि रोकने के लिए अच्छा काम करने वालों को 1 लाख, 75 हजार औऱ 50 हजार रुपए दिए जाएंगे।

Wed, 27 May 2026 07:41 AMGaurav Kala लाइव हिन्दुस्तान, देहरादून
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उत्तराखंड में जंगलों की आग बुझाने वाले को 1 लाख इनाम, भाजपा सरकार का बड़ा ऐलान

उत्तराखंड में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं के बीच वन विभाग प्रोत्साहन योजना शुरू करने जा रहा है। सीजन के बाद हर जिले में वनाग्नि की रोकथाम में अच्छा काम करने वाले वनकर्मियों, समूहों और व्यक्तियों को पुरस्कार दिए जाएंगे। पहला पुरस्कार एक लाख, दूसरा 75 हजार और तीसरा 50 हजार रुपये का होगा।

योजना का प्रस्ताव जल्द शासन को भेजा जाएगा। मंगलवार को वन मुख्यालय में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन विभाग जंगलों में आग बुझाने के लिए नई रणनीति पर काम कर रहा है। जंगलों से होकर गुजरने वाली सभी पेयजल लाइनों पर हाइड्रेंट लगाए जाएंगे, ताकि आग लगने की स्थिति में तुरंत पानी उपलब्ध हो सके। प्रदेश में चीड़ पिरूल संग्रह अभियान के तहत 8555 टन पिरूल जमा करने का लक्ष्य है। इससे जंगलों में ज्वलनशील सामग्री कम होगी और आग फैलने की घटनाओं पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।

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14 फीसदी फायर अलर्ट ही वास्तविक: वन मंत्री

वन मंत्री ने कहा कि वनाग्नि रोकने में जनसहयोग सबसे बड़ा हथियार है। लोगों को वनाग्नि की सूचना तुरंत विभाग को देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कहीं आग दिखाई दे तो लोग वीडियो बनाने के बजाय बुझाने में सहयोग करें। मंत्री ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) से मिलने वाले फायर अलर्ट में कई बार खेतों, कूड़े या अन्य स्थानों की आग भी शामिल होती है। विभागीय जांच में ऐसे अलर्ट में से केवल करीब 14 प्रतिशत मामलों को ही वास्तविक वनाग्नि पाया गया।

11 हजार से ज्यादा कर्मचारी तैनात

सीसीएफ वनाग्नि सुशांत पटनायक ने बताया कि इस साल 5,625 फायर वॉचर के साथ छह हजार वनकर्मी वनाग्नि से निपटने के लिए तैनात हैं। उनका 10 लाख रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया गया है। साथ ही 7,145 फायर रोधी सूट व उपकरण दिए गए हैं। फॉरेस्ट फायर रिस्क जोनेशन मैपिंग के अनुसार अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल और पिथौरागढ़ सबसे संवेदनशील जिले हैं। इस सीजन में अब तक वनाग्नि की 394 घटनाओं में 331.12 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

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देहरादून, सेलाकुई, विकासनगर में आग की घटनाएं

गर्मी बढ़ने के साथ देहरादून में आग की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले 24 घंटे के भीतर जिले के अलग-अलग इलाकों से आग लगने की 12 घटनाएं हुईं। जिन पर दमकल विभाग ने समय रहते काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि किसी भी घटना में जनहानि नहीं हुई। देरशाम किमाड़ी के जंगल में भी आग लगी। मुख्य अग्निशमन विभाग के अनुसार 24 घंटे में सबसे अधिक सात कॉल देहरादून फायर स्टेशन क्षेत्र से मिलीं। इसके अलावा सेलाकुई फायर स्टेशन से तीन और विकासनगर फायर स्टेशन से दो आग की घटनाओं की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही संबंधित फायर स्टेशनों से दमकल वाहन और रेस्क्यू टीमों को मौके पर रवाना किया गया।

अधिकारियों के अनुसार गर्मी के मौसम में सूखी घास, झाड़ियों, कूड़े में आग लगने और शॉर्ट सर्किट की घटनाएं तेजी से बढ़ती हैं। कई जगह जंगलों के आसपास भी आग फैलने का खतरा बना रहता है। ऐसे में फायर कर्मियों को लगातार हाई अलर्ट पर रखा गया है। फायर विभाग ने बताया कि सभी घटनाओं में टीमों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया। विभाग का कहना है कि फायर सीजन को देखते हुए रिस्पॉन्स टाइम कम करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसी भी बड़ी घटना से नुकसान को रोका जा सके।

जंगलों में आग की घटनाओं से हड़कंप

देहरादून। भीषण गर्मी के बीच मंगलवार देर शाम देहरादून के किमाड़ी और रायपुर क्षेत्र के जंगलों में आग लगने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। किमाड़ी क्षेत्र के जंगल में आग लगने की सूचना पर मालसी रेंज की टीम तुरंत सक्रिय हुई। मालसी रेंजर शुचि चौहान ने बताया कि सूचना मिलते ही पास में गश्त कर रही टीम मौके पर पहुंच गई थी। कुछ देर बाद वह स्वयं भी घटनास्थल पर पहुंचीं। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा दी गई। रेस्क्यू टीम लीडर जितेंद्र बिष्ट ने बताया कि जंगलों में आग की घटनाएं रोकने को गश्त की जा रही है।

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साहिया में आग से आम के पेड़ जलकर राख

साहिया। साहिया-उदपाल्टा मोटर मार्ग पर नेवी गांव के समीप मंगलवार को कुरोली और बोहरी गांव के बीच लगी आग से कई ग्रामीणों के आम के पेड़ और चारा पत्ती जलकर राख हो गई। देर रात तक ग्रामीण आग बुझाने में जुटे रहे। कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा सड़क किनारे सूखी घास में आग लगा दी गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग तेजी से फैलने लगी तो आसपास के गांवों के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए, लेकिन तब तक आग फैल चुकी थी। आग की चपेट में आने से कुरोली, बोहरी और नेवी गांव के कई ग्रामीणों के आम के पेड़ तथा पशुओं के लिए रखी चारा पत्ती जल गई।

चमोली के नारायणबगड़ में जले चीड़ के जंगल

कर्णप्रयाग। चमोली जिले के जंगलों में वनाग्नि की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नारायणबगड़ क्षेत्र के चीड़ के जगल में पिछले तीन दिनों से हजारों पेड़ पौधे जलकर राख हो चुके हैं। जंगल की आग से चारों तरफ धुआं फैला है। मंगलवार को वन सरंक्षक डा. विनय भार्गव चमोली में वनाग्नि प्रबंधन की तैयारियों का जायजा ले रहे थे, वहीं दूसरी तरफ नारायणबगड़ के जंगलों में आग से हाहाकर मचा था। हालात यह हैं कि वहां जंगल में और सड़क किनारे चीड़ के विशाल पेड़ खड़े-खड़े धूधू कर जल रहे हैं। इन पेड़ों के पास से 11 हजार बोल्टेज की विद्युत लाइन गुजर रही है। इतना ही नहीं, घटना स्थल से मात्र 60 मीटर की दूरी पर वन विभाग का दफ्तर भी है।

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