Badrinath Dham Open: बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, चारधाम यात्रा की शुरुआत; जनसैलाब उमड़ा
Badrinath Dham Open: भगवान बदरीविशाल के कपाट शुभ मुहूर्त पर खोल दिए गए। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा की विधिवत शुरुआत हो गई है।

Badrinath Dham Open: करोड़ों हिंदुओं के आस्था और भारत के चारों धामों में एक हिमालय में स्थित भगवान श्री बदरीनाथ धाम में मंदिर के कपाट विधिविधान और वैदिक मन्त्रोंचार के साथ गुरुवार को प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धांलुओं के दर्शनार्थ हेतु खोल दिए गए हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धांलुओं भगवान बद्री विशाल और अखंड ज्योति के दर्शन किए। इसके साथ ही चारधामों की यात्रा की विधिवत शुरुआत हो गई है।
गुरुवार 23 अप्रैल की सुबह सवा 6 बजे जैसे ही बदरीविशाल के धाम खोले गए। इसके साथ चारधाम यात्रा की शुरुआत भी हो गई। इससे पहले 22 अप्रैल की सुबह केदारनाथ धाम के कपाट खुले थे। वहीं, 18 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के खुलने के साथ चारधाम यात्रा शुरु हुई थी।
सेना के बैंड की मधुर धुन
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। तस्वीरों में आप धाम में जनसैलाब की उपस्थिति देख सकते हैं। बदरीविशाल के जयकारों के साथ पूरा धाम गुंजायमान रहा। इस दौरान सेना ने बैंड की मधुर धुन से भावना और श्रद्धा की अभिव्यक्ति पेश की।
तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट भी खुले
इससे पहले बुधवार को तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट भी बुधवार को भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सुबह 11 बजे पूजा अर्चना के साथ मंदिर का द्वार खोला गया। इससे पहले भगवान की चल विग्रह डोली चोपता से तुंगनाथ पहुंची, जहां मंदिर की तीन परिक्रमा के बाद कपाट खोलने की कार्यवाही शुरू की गई। सुबह चोपता से भगवान तुंगनाथ की डोली ने तुंगनाथ के लिए प्रस्थान किया। हर हर महादेव और बाबा तुंगनाथ की जय हो के जयघोष के बीच डोली पौने 11 बजे मंदिर पहुंची। ठीक 11 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए गए। पहले दिन करीब 800 भक्तों ने तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के दर्शन किए।
चारधाम यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील
बदरीनाथ क्षेत्र के सीमांत गांव माणा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और “लखपति दीदी” पहल के जरिए गांव को आत्मनिर्भरता का आदर्श मॉडल बताया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा का भ्रमण कर ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने की अपील करते हुए सभी से पर्यावरण संरक्षण में सहयोग का आह्वान किया।
प्रदेश के सीमांत गांवों का तेजी से हो रहा विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विजन ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत सीमांत गांवों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। इससे रोजगार, पर्यटन और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से ये गांव विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
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