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अंकिता भंडारी केस: सबूत मिले तो CBI जांच को तैयार सरकार, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बोल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा है कि अंकिता भंडारी मामले में पुख्ता साक्ष्य मिलने पर सरकार सीबीआई जांच के लिए तैयार है, साथ ही उन्होंने साक्ष्य देने वालों को पूरी सुरक्षा का भरोसा भी दिया है।

Sat, 3 Jan 2026 07:37 AMAnubhav Shakya हिन्दुस्तान, देहरादून
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अंकिता भंडारी केस: सबूत मिले तो CBI जांच को तैयार सरकार, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बोल

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने शुक्रवार को कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में विश्वसनीय साक्ष्य मिलते हैं तो सरकार सीबीआई समेत हर जांच के लिए तैयार है। उन्होंने जनता और संबंधित पक्षों से साक्ष्यों को सरकार के साथ साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सबूत पेश करने वालों को सरकार पूरी सुरक्षा मुहैया कराएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया सरकार का रुख

उनियाल ने बलवीर रोड स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सरकार का रुख साफ किया। सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो के बाद उपजे हालात को लेकर उन्होंने षड्यंत्र की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि मामले में अपराधी उम्रकैद की सजा पा चुके हैं। ऐसे में यह उन्हें बचाने की बड़ी साजिश हो सकती है।

मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर एक सवाल के जवाब में उनियाल ने कहा कि ट्रायल कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की कार्रवाई को सही और सक्षम मानते हुए किसी अन्य जांच से इंकार कर दिया था। सुबोध ने कहा कि तीनों न्यायालयों ने माना कि किसी भी वीआईपी को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया गया है और जांच में कोई वीआईपी होना नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है। इस पर सभी को संवेदनशीलता दिखानी होगी। इस मामले में सरकार पहले दिन से संवेदनशील रही है। इसी कारण अपराधियों को सजा हो चुकी है।

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मामले को भटकाने की है साजिश

उनियाल ने कहा कि इस मामले में अलग-अलग ऑडियो वायरल हुए हैं। इनमें अंकिता द्वारा आत्महत्या करने और उसकी हत्या दोनों बातें की जा रही हैं। जबकि कोर्ट मान चुका है हत्या हुई है। ऐसे में दोहरी बातें कर केस को भटकाने के लिए यह षड्यंत्र हो सकता है। अपुष्ट आरोप के आधार पर कार्रवाई हुई तो सजायाफ्ता दोषियों को कानूनी फायदा पहुंच सकता है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुकदमे दर्ज कर चुकी है। जांच के आधार पर सरकार प्रभावी कार्रवाई करेगी। सरकार का रुख बिल्कुल साफ है कि अंकिता को पूर्ण न्याय दिलाना है।

बुलडोजर चलने से पहले जुटाए जा चुके थे साक्ष्य

क्राइम सीन पर बुलडोजर चलाने के मामले में उनियाल ने कहा कि कोर्ट ने माना कि रिसॉर्ट में हुई इस कार्रवाई से पूर्व ही एफएसएल टीम ने साक्ष्य इकट्ठा कर लिए थे। लिहाजा कहीं-कहीं एक खास नजरिया स्थापित करने की मंशा से भी इस मामले को दुष्प्रचारित किया जा रहा है।

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पहले भी मांगे थे साक्ष्य

उनियाल ने कहा कि एसआईटी ने भी लोगों से साक्ष्य मांगे थे, लेकिन कोई सामने नहीं आया। एसआईटी की जांच के आधार पर ही अदालत ने सजा सुनाई। एसआईटी ने मामले में मजबूत पैरवी की और ट्रायल के दौरान भी अभियुक्तों को जमानत नहीं मिली।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस मामले में सामने आए ऑडियो में एक-दो लोगों का नाम बार-बार लिया जाना उन्हें व्यक्तिगत क्षति पहुंचने का आशय प्रतीत होता है। पुख्ता सुबूत सामने आने तक जल्दबाजी में कोई भी निर्णय कानूनी प्रक्रिया को कमजोर कर सकता है।

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सरकार को पोल खुलने का डर:कांग्रेस

कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार की ओर से सीबीआई जांच से इनकार करने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मामले में संलिप्त वीआईपी को बचाने और साक्ष्य मिटाने के प्रयासों को छिपाने के लिए जांच से भाग रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पूर्व भाजपा विधायक की पत्नी की ओर से वीआईपी के नाम का खुलासा किए जाने के बाद जनता सच जानना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार शुरू से ही दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है। सरकार को सीबीआई जांच की सिफारिश कर दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा सरकार सुबूत मांग रही है, जबकि यह किसी से छुपी नहीं है कि सुबूत नष्ट करने में भाजपा विधायक और सरकार की भूमिका संदिग्ध है। सरकार को सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में सीबीआई जांच करानी चाहिए।

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