Amit Shah Says Those Seeking Sanatan Values Are Looking Towards India सनातन से आकांक्षा रखने वाले भारत की ओर देख रहे, उत्तराखंड में बोले अमित शाह, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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सनातन से आकांक्षा रखने वाले भारत की ओर देख रहे, उत्तराखंड में बोले अमित शाह

गृह मंत्री अमित शाह दो दिनी उत्तराखंड दौरे पर है। उन्होंने ऋषिकेश में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सनातन से आकांक्षा रखने वाला हर व्यक्ति भारत की ओर देख रहा है।

Thu, 22 Jan 2026 11:39 AMGaurav Kala ऋषिकेश
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सनातन से आकांक्षा रखने वाले भारत की ओर देख रहे, उत्तराखंड में बोले अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि गीता प्रेस ने देश को सनातन का पाठ पढ़ाया है। गीता प्रेस सिर्फ एक प्रकाशन संस्था नहीं, बल्कि भारतीय हिंदू धार्मिक साहित्य के प्रसार का सामाजिक और सांस्कृतिक स्तंभ है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म से आकांक्षा रखने वाला हर व्यक्ति भारत की ओर देख रहा है, वह गीता प्रेस से जुड़े बिना रह ही नहीं सकता।

गृहमंत्री ने ऋषिकेश में गीता प्रेस की कल्याण पत्रिका के शताब्दी समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस पत्रिका ने धर्म के प्रसार के साथ राष्ट्र, संस्कृति और चरित्र निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त किया है। स्वतंत्रता आंदोलन से अब तक इस पत्रिका ने सदैव सनातन विचारधारा की आवाज को जीवित रखा। उन्होंने पत्रिका के शताब्दी अंक का विमोचन भी किया।

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जन-जन तक पहुंचाया साहित्य

शाह ने कहा कि गीता प्रेस ने सिर्फ पुस्तकें नहीं छापी, बल्कि भारत की आत्मा को छापा है। गीता प्रेस ने सिखाया कि सभ्यता शब्दों से बनती है और शब्द तब अमर होते हैं जब उनमें सत्य, सत्व और सेवा होती है। गीता प्रेस ने 103 वर्षों से सनातन धर्म की लौ को ताकत देने का काम किया है।

कई पुराण जन-जन तक पहुंचाए

उन्होंने करोड़ों लोगों को भक्ति के माध्यम से अध्यात्म की ओर प्रेरित किया और अध्यात्म के रास्ते पर आगे चलते-चलते मोक्ष तक का रास्ता प्रशस्त करने का मार्ग बताया। बीते करीब 100 वर्षों में गीता प्रेस ने बिना विकृति या समझौते के श्रीमद्भागवत, रामचरितमानस, महाभारत, पुराणों व अन्य सनातन साहित्य को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जन-जन तक पहुंचाया है। जो भारत व उसकी संस्कृति को समझते हैं, वे गीता प्रेस और कल्याण के योगदान के महत्व को भली-भांति जानते हैं। शाह ने कहा कि आदि शंकराचार्य की मीमांसा पर टीकाओं को जन-जन तक पहुंचाकर गीता प्रेस ने बड़ा कार्य किया है। मेरे घर में भी चार पीढ़ियों ने गीता प्रेस की पुस्तकें पढ़ी हैं। गीता प्रेस ने हस्तलिखित पांडुलिपियों से लेकर लिथो प्रेस तक की ऐतिहासिक यात्रा तय की है।

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