चारधाम और कुंभ मेले में क्रिमिनल्स को नहीं घुसने देगा एआई, ऐसे होगी पहचान
इस साल चारधाम यात्रा मार्गों और कुंभ क्षेत्र को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चेहरा स्कैन करने वाले कैमरों से लैस किया जा रहा है, ताकि अपराधी न घुस पाएं।

उत्तराखंड में होने वाली चारधाम यात्रा और आगामी कुंभ मेले की सुरक्षा को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अपराधियों की पहचान करना अब आसान होगा, क्योंकि यात्रा मार्गों और कुंभ क्षेत्र में एआई आधारित फेस रिकग्निशन कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन हाईटेक कैमरों की मदद से भीड़ में शामिल किसी भी संदिग्ध या अपराधी की पहचान कुछ ही सेकंड में हो सकेगी और तुरंत पुलिस को अलर्ट मिल जाएगा।
भीड़ में अपराधियों की पहचान होगी आसान
चारधाम यात्रा के दौरान हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। इतनी बड़ी भीड़ में अपराधियों की पहचान करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा चुनौती रहा है। नई तकनीक लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यात्रा मार्गों, प्रमुख पड़ावों, बस अड्डों, पार्किंग स्थलों और कुंभ क्षेत्र में लगाए जाने वाले कैमरे एआई तकनीक से लैस होंगे, जो भीड़ में चलते-फिरते लोगों के चेहरों को स्कैन कर डेटाबेस से उनका मिलान करेंगे।
कई एजेंसियों के डाटा से जुड़े होंगे कैमरे
इस सिस्टम को अपराधियों के डाटा पोर्टल चित्रखोजी, नेटग्रिड, इंटेलिजेंस ब्यूरो और जेल विभाग के सर्वर से जोड़ा जाएगा। जैसे ही कोई जमानत पर छूटा गंभीर अपराधी, वांटेड आरोपी, संदिग्ध या आतंकी कैमरे की नजर में आएगा, एआई तकनीक उसके चेहरे का मिलान डेटाबेस से कर लेगी।
यदि चेहरा डेटाबेस में मौजूद किसी अपराधी से मेल खाता है तो कंट्रोल रूम में तुरंत अलर्ट सायरन बज जाएगा और नजदीकी पुलिस टीम को तुरंत सूचना मिल जाएगी। इससे संदिग्ध व्यक्ति को भीड़ में गायब होने से पहले ही पकड़ना संभव हो सकेगा।
केंद्र और राज्य सरकार के निर्देश पर योजना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार देवभूमि में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह हाईटेक सुरक्षा योजना तैयार की गई है। यह योजना केंद्रीय गृह मंत्रालय और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बनाई गई है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह परियोजना चारधाम यात्रा और कुंभ मेले की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बिना रोके-टोके होगी पहचान
इस प्रणाली की खासियत यह है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की जांच के लिए रोकने या पूछताछ करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। कैमरे स्वतः ही लोगों के चेहरों को स्कैन करते रहेंगे। जैसे ही किसी संदिग्ध का चेहरा डेटाबेस से मैच होगा, कंट्रोल रूम और आसपास मौजूद पुलिस टीम को रियल टाइम अलर्ट मिल जाएगा। इसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस टीम तुरंत कार्रवाई कर सकेगी।
पुलिस विभाग ने यात्रा मार्गों और कुंभ क्षेत्र में ऐसे कैमरे लगाने के लिए संभावित स्थानों का स्थलीय निरीक्षण भी शुरू कर दिया है। कितने कैमरों की जरूरत होगी और किन-किन स्थानों पर इन्हें लगाया जाएगा, इसका आकलन किया जा रहा है। गढ़वाल रेंज के आईजी राजीव स्वरूप ने बताया कि चारधाम यात्रा और कुंभ मेले को सुरक्षित बनाने के लिए चेहरा स्कैन करने की तकनीक वाले एआई आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम इस पर तेजी से काम कर रहा है।
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