After Marriage in Temple Minor girl Kept as Wife in Ghaziabad man gets 20 Years Jail in Rape case मंदिर में शादी का नाटक, नाबालिग को पत्नी बनाकर गाजियाबाद में महीनेभर रखा, रेप में 20 साल की जेल, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
More

मंदिर में शादी का नाटक, नाबालिग को पत्नी बनाकर गाजियाबाद में महीनेभर रखा, रेप में 20 साल की जेल

नाबालिग से बहला-फुसला शादी रचाने और सवा महीने पत्नी बनाकर रखने के मामले में युवक को दोषी पाया गया है। देहरादून पोक्सो अदालत ने युवक को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

Tue, 6 Jan 2026 09:22 AMGaurav Kala देहरादून
share
मंदिर में शादी का नाटक, नाबालिग को पत्नी बनाकर गाजियाबाद में महीनेभर रखा, रेप में 20 साल की जेल

नाबालिग को अपने जाल में फंसाकर मंदिर में शादी रचाई फिर पत्नी बनाकर गाजियाबाद में सवा महीने रखा। मेरठ के युवक को नाबालिग से रेप केस में 20 साल कठोर कारावास की सजा हुई है। मामला देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र का है। दोषी की मकान मालिक की 17 वर्षीय बेटी पर बुरी नजर थी।

सोमवार को देहरादून में पोक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) अर्चना सागर की अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही राज्य सरकार से पीड़िता को एक लाख रुपये प्रतिकर दिलाने का भी आदेश दिया। मामले में पीड़िता मुकर गई, लेकिन उसका नाबालिग होना अहम साबित हुआ।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दिल्ली से हरिद्वार लाकर महिला से दरिंदगी, ताबीज का झांसा देकर पहले पिलाई शराब
ये भी पढ़ें:रेप के दो मामलों में सौतेला पिता और सगा चाचा बरी, कोर्ट में पीड़िता मुकरी
ये भी पढ़ें:पुलिस ने रची रेप की कहानी, पीड़िता से कोरे कागज पर साइन; गाजी अब्बास था निशाना

पीड़िता की मां ने लगाए थे आरोप

विशेष लोक अभियोजक अल्पना थापा के अनुसार घटना 17 अप्रैल 2019 की है। देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी 17 वर्षीय बेटी घर से सामान लेने निकली थी और वापस नहीं लौटी।

मंदिर में शादी, गाजियाबाद में सवा महीने रखा

पुलिस जांच में सामने आया कि उनके मकान में कुछ समय पहले किराए पर रहने वाला सन्नी उर्फ सोनू निवासी हस्तिनापुर, मेरठ उसे बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि सन्नी पीड़िता को पहले हरिद्वार और फिर मेरठ ले गया। वहां उसने एक मंदिर में शादी का नाटक किया और फिर दोनों गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित हॉस्टल में करीब सवा महीने तक पति-पत्नी के रूप में रहे। हॉस्टल संचालक ने कोर्ट में गवाही दी कि सन्नी ने लड़की को अपनी पत्नी बताया था।

नाबालिग के बयान को अदालत में महत्व नहीं दिया गया

केस की सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने बयानों से कुछ हद तक मुकर गई थी और उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी। अदालत ने स्कूल के रिकॉर्ड और मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर माना कि घटना के वक्त पीड़िता की उम्र 17 वर्ष थी। पोक्सो ऐक्ट के तहत नाबालिग की संबंधों में सहमति का कोई कानूनी महत्व नहीं है।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।