21 Year Old Pregnant Woman Dies Due to Lack of Specialist Doctor at Hospital third death in a month अस्पताल में डॉक्टर न होने से 21 साल की गर्भवती ने दम तोड़ा, 1 माह में तीसरी घटना, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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अस्पताल में डॉक्टर न होने से 21 साल की गर्भवती ने दम तोड़ा, 1 माह में तीसरी घटना

देवप्रयाग में हृदय विदारक घटना सामने आई है। 21 साल की गर्भवती की इलाज न मिलने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। महिला ने अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।

Sun, 15 March 2026 07:13 AMGaurav Kala देवप्रयाग
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अस्पताल में डॉक्टर न होने से 21 साल की गर्भवती ने दम तोड़ा, 1 माह में तीसरी घटना

देवप्रयाग में इलाज न मिल पाने से 21 साल की एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। दरअसल, देवप्रयाग में सीएचसी सेंटर हिंडोलाखाल में विशेषज्ञ डॉक्टर न होने के कारण उसे श्रीनगर रेफर किया गया था, लेकिन बेस अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।

नंदोली पौड़ीखाल निवासी सुनील कुमार की पत्नी 21 वर्षीय गर्भवती आरती देवी को तबीयत बिगड़ने पर शनिवार सुबह 10 बजे सीएचसी हिंडोलाखाल लाया गया था। महिला का रक्तचाप बढ़ने से उसे बार-बार चक्कर और बेहोशी आ रही थी।

समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंची

सीएचसी प्रभारी डॉ. अंजना गुप्ता के अनुसार महिला की तबीयत शनिवार तड़के करीब तीन बजे ही खराब हो गई थी, लेकिन परिजनों ने न तो आशा कार्यकर्ता को सूचना दी और न ही सीएचसी को फोन किया। इसी कारण समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। सुबह करीब 10 बजे हालत ज्यादा बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।

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अस्पताल पहुंचने से पहले दम तोड़ा

काफी कोशिश के बावजूद हालत में सुधार न होने पर उसे श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीएचसी की ओर से नर्सिंग अधिकारी शीशपाल सिंह और डॉ. शिवानी को भी उसके साथ भेजा गया। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।

प्रभारी डॉ. अंजना गुप्ता का कहना है कि यदि गर्भवती को तड़के ही सीएचसी पहुंचा दिया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। मिस्त्री का काम करने वाले सुनील कुमार और उनके परिजन घटना के बाद सदमे में हैं।

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दो और महिलाओं की हो चुकी मौत

पिछले माह भी एंबुलेंस नहीं मिलने से क्षेत्र में एक गर्भवती की मौत हो गई थी। वहीं बीते गुरुवार को चार जगह से रेफर की गई गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय महिला की भी समय पर उपचार न मिलने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लोगों में रोष है।

मौत पर कांग्रेसियों का गुस्सा फूटा

देवप्रयाग क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में गर्भवती और अन्य घायल महिला की मौत के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शनिवार को 21 वर्षीय गर्भवती को सीएचसी हिंडोलाखाल से श्रीनगर रैफर किए जाने और वहां पहुंचने से पहले उसकी मौत के बाद कांग्रेसियों ने सीएचसी पर जमकर हंगामा किया।

कांग्रेसियों की प्रभारी चिकित्सक डॉ. तान्या चौहान से नोकझोंक हो गई। कांग्रेसियों ने सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए तीन सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष व चिलेडी-बडियारगढ़ जिपंस उतम सिंह असवाल के नेतृत्व में कांग्रेसी सीएचसी हिंडोलाखाल पहुंचे और महिलाओं की मौत पर आक्रोश जताते नारेबाजी करते हुए धरना दिया। कांग्रेसियों ने कहा कि देवप्रयाग क्षेत्र के साथ ही पूरे प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं की बुरी दशा है। अस्पतालों को रेफर सेंटर बना दिया गया है। देवप्रयाग क्षेत्र में छोटे से अंतराल में यह तीसरी घटना है।

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जिपंस उतम सिंह असवाल ने बताया कि शनिवार को एक नौ माह की गर्भवती महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे सीएचसी हिंडोलाखाल लाया गया। जहां से उसे श्रीनगर रेफर किया गया था और श्रीनगर अस्पताल पहुंचने पर उसकी मृत्यु हो गई। जबकि बीते माह भी समय पर एबुलेंस नहीं मिलने पर एक गर्भवती की मौत हो गई थी। बताया कि, दो दिन पहले भी एक गंभीर घायल महिला की समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत हो गई थी। शीघ्र ही स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजेंगे। यदि तीन सप्ताह में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं होती है तो शीघ्र ही जनांदोलन किया जाएगा। सीएचसी में पांच पद सृजित हैं, परंतु एक भी विशेषज्ञ यहां पर तैनात नहीं है। यहां पर दो डॉक्टर हैं।

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