19000 Trees Wither in Dehradun Due to Infection Permission Sought from Centre for Felling देहरादून में खतरनाक इन्फेक्शन, 19 हजार पेड़ सूखे; काटने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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देहरादून में खतरनाक इन्फेक्शन, 19 हजार पेड़ सूखे; काटने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी

खतरनाक होपलो इन्फेक्शन ने देहरादून में करीब 19 हजार साल के पेड़ सुखा दिए हैं। इस खतरनाक इन्फेक्शन से आसपास के और पेड़ों को बचाने के लिए इनको तत्काल काटा जाना जरूरी है। ऐसे में केंद्र से कटान की अनुमति मांगी गई है।

Fri, 10 April 2026 10:06 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान, देहरादून
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देहरादून में खतरनाक इन्फेक्शन, 19 हजार पेड़ सूखे; काटने के लिए केंद्र सरकार से इजाजत मांगी

देहरादून में खतरनाक होपलो इन्फेक्शन से करीब 19 हजार साल के पेड़ सूख गए हैं। इस खतरनाक इन्फेक्शन से आसपास के और पेड़ों को बचाने के लिए इनको तत्काल काटा जाना जरूरी है। ऐसे में केंद्र से कटान की अनुमति मांगी गई है।

ये इन्फेक्शन इतना खतरनाक है कि इनको काटने के बाद निकली लकड़ी को रखने के लिए वन निगम को रायवाला और झाझरा में अलग डिपो बनाना पड़ेगा। इसके लिए वन निगम को करीब तीन हेक्टेयर वन भूमि दी जा रही है। साथ ही कीड़ों को पकड़ने के लिए करीब तीन हजार हरे पेड़ काटने की भी तैयारी है। देहरादून वन प्रभाग के थानो, आशारोड़ी और झाझरा रेंज में साल बोरर या होपलो नामक कीट के लार्वा ने हजारों साल के पेड़ों को अंदर से खोखला कर दिया है।

कीड़े की वजह से 19 हजार पेड़ सूख गए हैं। इनको काटने के लिए केंद्र से अनुमति मांगने का प्रस्ताव सीसीएफ वर्किंग प्लान डॉ. तेजस्विनी पाटिल के माध्यम से केंद्र को भेजा गया है। संक्रमण को रोकने को ट्री ट्रैप ऑपरेशन चलाने की मंजूरी ली जा रही है।

सीसीएफ वर्किंग प्लान की डॉ तेजस्विनी पाटिल ने बताया कि राज्य के बाकी डिवीजनों में हॉपलो का प्रभाव इतना नहीं दिखा है। देहरादून डिवीजन में करीब 19 हजार साल के पेड़ इसके इन्फेक्शन की चपेट में आकर सूख गए हैं। पेड़ों की संख्या ज्यादा होने के कारण इनको काटने की केंद्र से अनुमति मांगी गई है।

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एआई से होगी वन भूमि पर अतिक्रमण की निगरानी

देहरादून। वन क्षेत्रों पर अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। अब एआई आधारित सिस्टम से जंगलों में अतिक्रमण की निगरानी होगी।

गुरुवार को हुई बैठक में वन भूमि अतिक्रमण हटाओ अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. पराग मधुकर धकाते ने सभी डीएफओ को अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डॉ. धकाते ने बताया कि 2019 तक राज्य में कुल अतिक्रमित वन क्षेत्रफल लगभग 11,396.64 हेक्टेयर दर्ज किया गया था। जबकि जून 2024 से शुरू अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत 31 मार्च 2026 तक करीब 1,560.31 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा चुका है। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी प्रभागीय वन अधिकारी अपने-अपने प्रभागों के आंकड़ों की समीक्षा करें।

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ज्यादा बारिश से इन्फेक्शन फैला!

हॉपलो या साल बोरर एक प्रकार का वुड-बोरिंग बीटल है। इसकी मादा साल के पेड़ की जड़ों और तने में अंडे देती है। लार्वा अंदर घुसकर जल-वाहिनी को नष्ट कर देता है, जिससे पेड़ धीरे-धीरे सूखने लगता है। डीएफओ दून नीरज शर्मा ने बताया कि पिछले साल बेहद ज्यादा बारिश और जलवायु परिवर्तन के चलते इन कीटों के बड़े संख्या में फैलने की आशंका है।

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ट्री ट्रैप ऑपरेशन के लिए भी काटे जाएंगे हरे पेड़

सूखे पेड़ों से ज्यादा चिंता उन हरे पेड़ों की है जिनको कीट नियंत्रण के लिए चलाए जाने वाले ट्रैप ऑपरेशन के लिए काटा जाएगा। इन पेड़ों को काटकर 4 फुट लंबे लट्ठों में बदला जाएगा। इन लट्ठों को बारिश के पानी में रखा जाएगा। साल की लकड़ी की खुशबू कीटों को आकर्षित करती है। कीट लट्ठों पर आकर इकट्ठा हो जाते हैं, जिन्हें पकड़कर नष्ट किया जाएगा।

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