14 Year Old Child Marriage Victim 9 Months Pregnant Condition Critical POCSO Case Filed Against Husband बाल विवाह की शिकार 14 साल की बिटिया नौ माह की गर्भवती, हालात गंभीर; पति पर पॉक्सो में मुकदमा, Uttarakhand Hindi News - Hindustan
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बाल विवाह की शिकार 14 साल की बिटिया नौ माह की गर्भवती, हालात गंभीर; पति पर पॉक्सो में मुकदमा

पिथौरागढ़ में बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। बाल विवाह की शिकार 14 साल की बिटिया नौ माह की गर्भवती है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उधर, पुलिस ने कथित पति पर पॉक्सो में मुकदमा कराया है।

Mon, 13 April 2026 07:10 AMGaurav Kala पिथौरागढ़
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बाल विवाह की शिकार 14 साल की बिटिया नौ माह की गर्भवती, हालात गंभीर; पति पर पॉक्सो में मुकदमा

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद की एक तहसील में बाल विवाह का मामला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब 14 साल की एक लड़की प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, रविवार देर शाम तक भी किशोरी का प्रसव नहीं हुआ था। इस मामले में पुलिस ने किशोरी के कथित पति के खिलाफ पॉक्सो में मुकदमा कराया है। जांच में कुछ और नाम भी आ सकते हैं।

जानकारी के अनुसार, कुछ लोग नौ माह की गर्भवती किशोरी को प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल लेकर आए। यहां दस्तावेजों और उम्र की पड़ताल हुई तो पता चला कि लड़की का जन्म वर्ष 2012 में हुआ था। डॉक्टरों की सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ की। डॉक्टरों ने बताया कि लड़की की हालत गंभीर है।

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पति पर मुकदमा

एसआई बबीता टम्टा ने बताया कि कथित तौर पर 13 साल की उम्र में किशोरी का विवाह हुआ। इसके बाद वह अपने पति के घर पर रहने लगी। इसी बीच वह गर्भवती हो गई। उधर, किशोरी के कथित पति के भी नाबालिग होने का अंदेशा है। पुलिस उसके भी दस्तावेजों की जांच कर रही है। वह भी उसी तहसील के एक गांव में रहता है।

पिथौरागढ़ कोतवाली पुलिस की सूचना के बाद संबंधित धाराओं में थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि किशोरी के कथित पति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट 5/6 में केस दर्ज किया है। जांच की जा रही है। इसमें कुछ और भी नाम सामने आ सकते हैं।

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एक साल तक छिपाया

बाल विवाह को लेकर जागरूकता अभियान के बावजूद समाज में यह कुरीति अपने जड़ें जमाएं हुए है। गांव की घटना के बावजूद एक साल तक कानून से छिपाकर रखा गया।

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बात करने की हालत में नहीं किशोरी

अस्पताल स्टाफ के अनुसार, डरी-सहमी किशोरी बात करने की स्थिति में नहीं है। कानूनी पेच सामने आने के बाद साथ आए परिजन भी घबराए हुए हैं। कुछ रिश्तेदारों ने दूरी बना ली है। इस कठिन समय में किशोरी को प्रसव जैसी असहनीय पीड़ा से अकेले जूझना पड़ रहा है। उसका कथित पति भी साथ नहीं है।

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