दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से पहले डाट काली में ध्यान लगाएंगे पीएम मोदी, फिर चर्चा में यह मंदिर
पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से पहले डाट काली मंदिर में ध्यान लगाएंगे। इस मंदिर का संबंध दिल्ली-देहरादून मार्ग के निर्माण से जुड़ा है। मंदिर से जुड़ी कहानी करीब 200 साल पुरानी है।

14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने वाले हैं। प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर भाजपा में जबरदस्त उत्साह है। इस दौरे को पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों की दृष्टि से खासा अहम मान रही है। पीएम एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले दिल्ली-देहरादून मार्ग पर बने प्रसिद्ध डाट काली मंदिर में ध्यान लगाएंगे। वे यहां पूजा-अर्चना करेंगे। करीब 200 साल पुराना यह ऐतिहासिक मंदिर एक बार फिर चर्चा में है।
देहरादून से दिल्ली के बीच बना डाट काली मंदिर की महत्ता हालांकि देहरादूनवासियों के लिए कोई नई नहीं है। मां डाट काली को लेकर लोगों में अपार श्रद्धा है। कोई भी नया वाहन खरीदने पर सबसे पहले इसी मंदिर में पूजा की मान्यता है। लोग मानते हैं कि ऐसा करने से मां डाट काली वाहन और वाहन स्वामी दोनों की रक्षा करती है। इतना ही नहीं, आते-जाते गाड़ियां रुकाकर लोग शुभ यात्रा के लिए मंदिर में मां का आशीर्वाद लेते हैं।
मंदिर से जुड़ी रोचक कथा
मां डाट काली मंदिर के महंत संयम गोस्वामी ने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर खुशी जताई है। उन्होंने बताया कि पहली बार प्रधानमंत्री मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे हैं, जिसे लेकर खास तैयारियां की जा रही हैं। प्रधानमंत्री पहले गर्भगृह में पूजा-अर्चना करेंगे, इसके बाद मंदिर की परिक्रमा करेंगे और फिर संक्षिप्त मुलाकात कर उद्घाटन समारोह के लिए रवाना हो जाएंगे। पूरा कार्यक्रम करीब 10 से 15 मिनट का होगा।
इंजीनियर के सपने में आई थी मां
मंदिर के इतिहास के बारे में महंत ने बताया कि इसका संबंध दिल्ली-देहरादून मार्ग के निर्माण से जुड़ा है। वर्ष 1804 में जब अंग्रेज इस सड़क का निर्माण करा रहे थे, उस दौरान एक गुफा भी बनाई जा रही थी। लेकिन हैरानी की बात यह थी कि दिन में बनाई गई गुफा हर सुबह ढहकर मलबे में बदल जाती थी। इस बीच एक इंजीनियर को सपने में मां डाट काली के दर्शन हुए। मां ने उसे निर्देश दिया कि मलबे में मौजूद उनके स्वरूप (पिंडी) को निकालकर स्थापित किया जाए। इसके बाद मंदिर की स्थापना की गई और तभी से यह स्थान आस्था का केंद्र बन गया।
पीएम मोदी 23वां उत्तराखंड दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 23वें उत्तराखंड दौरे पर मंगलवार को देहरादून पहुंचेंगे। डाट काली मंदिर में पूजा अर्चना के बाद वह सुभाषनगर क्लेमनटाउन से गढ़ी कैंट तक रोड शो करते हुए चलेंगे। बाद में गढ़ी कैंट के महिंद्रा ग्राउंड में उनकी जनसभा भी होगी।
जनसभा से उत्तराखंड चुनाव साधेंगे
इन जनसभा के साथ ही उत्तराखंड में 2027 के चुनावी समर के अभियान का भी आगाज होगा। रोड शो से प्रधानमंत्री दून जिले की दस विधानसभा क्षेत्र के वोटरों को भी साधेंगे। साथ ही मसूरी, सहसपुर की तरह लगातार तीसरी बार धर्मपुर, रायपुर और राजपुर रोड में भाजपा जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में है।
इन विधानसभा सीटों पर असर
चकराता, विकासनगर, ऋषिकेश के साथ ही सहसपुर, मसूरी, राजपुर रोड, धर्मपुर, रायपुर, डोईवाला और कैंट विधानसभा के मतदाताओं के लिए अगले चुनाव में एक्सप्रेस-वे सबसे बड़ा कारगर उपलब्धि के रूप में काम करेगा। यही वो इलाके हैं जहां की लाखों की आबादी को इस एक्सप्रेस-वे का सीधा-सीधा फायदा मिलेगा। यूं तो दून जिले में 2022 चुनाव में भाजपा ने लगभग क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन किया और हर सीट पर मजबूत पकड़ दिखाई। शहरी सीटों पर पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा, जो संगठन और उम्मीदवारों की पकड़ को दर्शाता है।
विधानसभावार बैठकों में परखी जा रही तैयारी
भाजपा महानगर में आने वाली विधानसभाओं में प्रधानमंत्री की जनसभा और रोड शो की तैयारियों को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है। रोड शो और जनसभा को भव्य बनाने के लिए सभी विधायक और महानगर टीम ने व्यापक जनसंपर्क शुरू कर दिया है। महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने बताया कि, धर्मपुर, कैंट, रायपुर, राजपुर रोड, मसूरी, सहसपुर और डोईवाला में कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को जनसभा स्थल तक लाने का जिम्मा दिया है। आशारोड़ी से गढ़ी कैंट तक कई जगह मानव श्रृंखला बनेगी और पीएम का स्वागत पुष्पवर्षा से किया जाएगा।
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