‘तुम्हारे पापा चरस के साथ पकड़े गए हैं’, मारपीट के वीडियो देख डर गई बेटी; जाल में फंसी
पूजा ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताते हुए कहा कि उसके पिता को नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया है। उसने एक वीडियो भेजा। वीडियो में किसी व्यक्ति की पिटाई होते दिखाई दे रहा था।

UP Crime News : तुम्हारे पापा चरस और स्मैक के साथ पकड़े गए हैं। ऐसी ही कुछ बात से गोरखपुर के मोहद्दीपुर की रहने वाली एक युवती इतना डर गई कि साइबर ठगों के झांसे में आकर 96 हजार रुपये गंवा बैठी। ठगों ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर युवती के पिता को चरस और स्मैक के साथ पकड़ने का दावा किया तथा मारपीट का वीडियो भेजकर परिवार को डरा-धमकाकर विभिन्न खातों में रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मोहद्दीपुर की पूजा ने एसपी नार्थ को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताते हुए कहा कि उसके पिता को नशीले पदार्थों के साथ पकड़ा गया है। उसने एक वीडियो भेजा, जिसमें किसी व्यक्ति की पिटाई होते दिखाई दे रहा था। मदद की गुहार लगाने की आवाज सुनाई दे रही थी। वीडियो भेजने के कुछ देर बाद उसे डिलीट भी कर दिया गया। आरोप है कि कॉल करने वाले ने पिता को छोड़ने के बदले एक लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि यदि किसी सेचर्चा की तो उसके पिता की हत्या कर दी जाएगी।
डरे परिवार ने गहने बेचकर, ब्याज पर रुपये लेकर ठगों के भेजे क्यूआर कोड पर भेज दिया। बाद में पिता से संपर्क किया तो पता चला कि उनके साथ कोई घटना हुई ही नहीं है। उस समय पिता बेंगलुरु में काम कर रहे थे।
ठगी का एहसास होने पर पीड़िता ने 20 मई 2026 को साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उसे कैंट थाने बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली गई। कार्रवाई में तेजी लाने के लिए शुक्रवार को पीड़िता ने एसपी नार्थ से मामले की जांच कर साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा ठगी गई धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। साइबर सेल की टीम जांच में जुट गई है।
पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर 2.23 लाख ठगे
बड़हलगंज के चैनपुर गांव निवासी युवक बिहार पुलिस की वर्दी पहनकर पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 2.23 लाख रुपये ठगी कर लिया। गांव की माया देवी पत्नी चंद्रशेखर निषाद की तहरीर पर पुलिस ने रोहित निषाद, शीला देवी, राहुल निषाद, सरिता देवी व नरेंद्र पाठक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। माया देवी ने तहरीर में कहा है कि उसके पटिदार रोहित निषाद अपने को बिहार पुलिस का सिपाही बताता है। मेरे पुत्र किशोर निषाद को भ्रमित कर नौकरी दिलाने के नाम पर विभिन्न तिथियों में 2.23 लाख अपने घर वालों तथा संबंधियों के बैंक खाते में जमा कर लिया। नौकरी नहीं मिता तो पैसा मांगने पर जान से मारने व फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देता है।




साइन इन