योगी सरकार पूरे यूपी में पहली मई से चलाएगी ये बड़ा अभियान, अधिकारियों को नहीं मिलेगी छुट्टी
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पहली मई से बड़ा अभियान चलाने जा रही है। एक मई से 15 मई तक गोआश्रय स्थल सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में किसी भी अधिकारी का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा

UP News: पूरे उत्तर प्रदेश में योगी सरकार पहली मई से बड़ा अभियान चलाने जा रही है। प्रदेश के निराश्रित गोवंश के बेहतर भरण पोषण के लिए गोआश्रय स्थलों पर भूसे एवं हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था करने एवं अवस्थापना सुविधाओं की सुनिश्चितता के लिए एक मई से 15 मई तक सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा। इस अवधि में किसी भी अधिकारी का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा और निदेशालय से लेकर जनपद तक सभी अधिकारी गौशालाओं का सघन स्थलीय निरीक्षण करेगे।
योगी सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने ये निर्देश सोमवार को विधानभवन स्थित कार्यालय में गोआश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए दिए। साथ ही बैठक में प्रभावी मॉनीटरिंग के लिए मंत्री धर्मपाल सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश के 18 मंडलों के लिए नोडल अधिकारी नामित कर दिए गए हैं। नोडल अधिकारी गौशालाओं का भ्रमण कर व्यवस्थित प्रबन्धन, अपना भूसा बैंक, गो आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता, तकनीक और जन सहभागिता के लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा है कि अभियान के दौरान गोशालाओं के आर्थिक स्वावलम्बन पर विशेष ध्यान दिया जाए और गोशालाओं में बायोगैस प्लांट की संभावना, वर्मी कम्पोस्ट एवं अन्य गौजनित उत्पादों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जाए।
स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक भूसा क्रय किया जाए
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश की प्रत्येक गौशाला में न्यूनतम 10 कुन्तल भूसे के आरक्षित भण्डार की अनिवार्यता के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक भूसा क्रय किया जाए। गेहूं की कटाई के दृष्टिगत स्थानीय किसानों से न्यूनतम दर पर उपलब्ध भूसा क्रय करके अस्थाई भूसा गोदामों, खाली पड़े पशु सेवा केन्द्रों, पशु चिकित्सा के भवनों, बन्द अस्थाई गोआश्रय स्थलों के पशु शिविर का प्रयोग भूसा भण्डार हेतु किया जाए। भूसा संग्रहण हेतु प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए ताकि गोशालाओं में वर्ष पर्यन्त चारे-भूसे की कमी न होने पाये और गोवंश की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किया जाए।
गोवंश के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए
मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशुओं हेतु उपलब्ध कराई जाने वाली दवाओं और वैक्सीन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता ना किया जाए। पशुओं के उत्तम स्वास्थ्य और पौष्टिक चारे के आधार पर ही दुग्ध विकास कार्यक्रमों और नस्ल सुधार व कृत्रिम गर्भाधान के लक्ष्यों को पूर्ण व सफल बनाया जा सकता है। गोवंश के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। केयर टेकर रात्रि में गोआश्रय स्थल पर ही रूके और आवश्यक कार्य सुचारू रूप से पूरा करे। श्री सिंह ने कहा कि गोचर भूमियों को कब्जामुक्त कर हरा चारा भी उगाया जाय।




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