Every workplace will be safe for women, a major campaign by Yogi government in all districts of UP हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए होगा सुरक्षित, यूपी के सभी जिलों में योगी सरकार की बड़ी मुहिम, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए होगा सुरक्षित, यूपी के सभी जिलों में योगी सरकार की बड़ी मुहिम

हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित होगा। यूपी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार बड़ा मुहिम चला रही है। महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान ने प्रदेशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले लिया है।

Mon, 27 April 2026 03:38 PMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
share
हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए होगा सुरक्षित, यूपी के सभी जिलों में योगी सरकार की बड़ी मुहिम

UP News: यूपी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार बड़ा मुहिम चला रही है।उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति अभियान ने प्रदेशव्यापी जन आंदोलन का रूप ले लिया है। हर कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित होगा। इसी कड़ी में प्रदेश के सभी 75 जनपदों में महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न से संरक्षण संबंधी कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (‘पॉश’ एक्ट) के प्रावधानों के प्रति प्रतिभागियों और आमजन को जागरूक किया जा रहा है।

जागरूकता अभियान में सरकारी-निजी कार्यालयों के अधिकारी, कर्मचारी, महिला स्वयं सहायता समूह की सदस्य, कॉलेज छात्राएं, अधिवक्ता, श्रमिक संगठन और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महिला सशक्तीकरण मुहिम का हिस्सा यह अभियान कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतिकार) अधिनियम, 2013 (पॉश) और कामकाजी महिलाओं के वित्तीय-कानूनी अधिकारों पर केंद्रित है, जो नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में नया आयाम जोड़ रहा है।

‘पॉश’ अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा

अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत ‘पॉश’ अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। अधिनियम कार्यस्थल पर शारीरिक, मौखिक या गैरमौखिक आचरण को, जो महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, यौन उत्पीड़न की श्रेणी में परिभाषित करता है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सभी तहसीलों में होंगे विकास कार्य, योगी सरकार ने PWD से मांगे प्रस्ता
ये भी पढ़ें:इस जिले में धारा 163 लागू, प्रदर्शन पर रोक, 29 को अखिलेश के आने का है कार्यक्रम

अधिनियम महिला की गोपनीयता की रक्षा करता है

दस से अधिक कर्मचारियों वाले संगठनों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है, जबकि जिला स्तर पर स्थानीय समिति शिकायतों की सुनवाई करती है। शिकायत दर्ज करने की समय-सीमा तीन महीने है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया जा सकता है। 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करना जरूरी है। यह अधिनियम महिला की गोपनीयता की रक्षा करता है और दोष सिद्ध होने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई या जुर्माना करने का नियोक्ता को अधिकार है। नियोक्ता का दायित्व है कि कार्यस्थल सुरक्षित बने, जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हों और समिति की सिफारिशों का पालन हो।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:गर्मी को लेकर इस जिले के DM के ये सख्त निर्देश, स्कूलों में वाटर ब्रेक और क्या?

कानूनी अधिकारों पर दिया गया जोर

अभियान में ‘पॉश’ अधिनियम के अलावा कामकाजी महिलाओं के वित्तीय और कानूनी अधिकारों पर भी चर्चा की जा रही है। मातृत्व अवकाश के लाभ, समान कार्य के लिए समान वेतन का अधिकार, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य-सुरक्षा प्रावधान, श्रमिक कानूनों के तहत विशेष सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता, बैंकिंग और बीमा योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने अपने संबोधन में कहा कि आर्थिक सशक्तीकरण ही वास्तविक महिला सुरक्षा का आधार है।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।