शिक्षक सुसाइड केस में योगी सरकार का बड़ा ऐक्शन, बीएसए सस्पेंड; पूर्व प्रधानाचार्य गिरफ्तार
बीएसए को शासन स्तर से सस्पेंड किए जाने की खबर आ गई। देवरिया के डायट प्राचार्य अनिल कुमार को BSA का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। अब प्रकरण के जांच अधिकारी संयुक्त शिक्षा निदेशक बनाए गए हैं। जनपदीय जांच समिति की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बीएसए के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी थी।

UP News: यूपी के देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन के सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में योगी सरकार ने शुक्रवार को बड़ा ऐक्शन लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया। इसके पहले इस मामले में कृष्ण मोहन सिंह के स्कूल के पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध को गोरखपुर से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में भ्रष्टाचार की धारा बढ़ा दी गई है। शिक्षक सुसाइड केस में देवरिया की बीएसए शालिनी श्रीवास्तव पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। गुरुवार को पुलिस की एक टीम देवरिया पहुंची थी। वहां बीएसए के आवास पर टीम ने दबिश दी, लेकिन वहां ताला बंद मिला।
शुक्रवार दोपहर बीएसए को शासन स्तर से सस्पेंड किए जाने की खबर आ गई। देवरिया के डायट प्राचार्य अनिल कुमार को बीएसए का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। अब प्रकरण के जांच अधिकारी संयुक्त शिक्षा निदेशक बनाए गए हैं। जनपदीय जांच समिति की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बीएसए के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी थी। कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। 20 फरवरी की रात उन्होंने फंदा लगा कर जान दे दी थी। उन्होंने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइट नोट और वीडियो भी जारी किया था।
शासन और जिला स्तरीय कमेटी की जांच में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव प्रकरण में दोषी पाई गई। जिसके बाद डीएम दिव्या मित्तल ने बीएसए के निलंबन के लिए रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन ने शुक्रवार को बीएसए को निलंबित कर दिया। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शिथिलता तथा लगभग एक वर्ष तक प्रभावी कार्रवाई न किए जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता एवं लापरवाही गंभीर कदाचार की श्रेणी में आती है। बता दें कि इस प्रकरण में गोरखपुर के गुलहरिया थाने में बीएसए व पटल बाबू संजीव सिंह के विरुद्ध आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने का केस दर्ज है। डीएम दिव्या मित्तल ने निलंबन की पुष्टि करते हुए कहा कि जनपद में प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
गोरखपुर से गिरफ्तार किया गया पूर्व प्रधानाचार्य
उधर, शिक्षक सुसाइड केस में पूर्व प्रधानाचार्य को गोरखपुर पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने पूर्व प्रधानाचार्य को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक पूर्व प्रधानाचार्य पर रिश्वतखोरी मामले में बिचौलिए की भूमिका अदा करने का आरोप है। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि मामले में अभी तक की गई जांच-पड़ताल के आधार पर भ्रष्टाचार की धारा बढ़ा दी गई है।




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