22 संकल्पों से यूपी के कृषि क्षेत्र को बनाएंगे विकसित, योगी सरकार के मंत्री ने बताया प्लान
योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्लान बताया है कि 22 संकल्पों से यूपी के कृषि क्षेत्र को विकसित बनाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग इन 22 संकल्पों को पूरा करने का खाका बनाने में जुटा है।

आजादी के सौ साल पूरे होने पर विकसित भारत व उत्तर प्रदेश बनाने में कृषि क्षेत्र का अहम योगदान होगा। तब तक यूपी की अर्थव्यवस्था को छह ट्रिलियन डॉलर बनाने का लक्ष्य रखा गया है और इसमें कृषि क्षेत्र का योगदान एक ट्रिलियन डॉलर होगा। यह जानकारी योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दी। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करने को कृषि विभाग ने 22 संकल्प लिए हैं।
गुरुवार को कृषि निदेशालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि कृषि विभाग इन 22 संकल्पों को पूरा करने का खाका बनाने में जुटा है। 17 नवंबर को राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में जन संवाद एवं विचार मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति, कृषि वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान और कृषि विभाग के अधिकारी मिलकर इन संकल्पों को पूरा करने की समय-सीमा निर्धारित करेंगे।
22 संकल्पों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग व नवाचार को बढ़ावा देना, दलहन, तिलहन व मक्का उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना, मक्के के क्षेत्र को बढ़ाकर 50 लाख हेक्टेयर किया जाएगा। जलवायु अनुकूल प्रजातियों को विकसित करने, आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकों को कृषक तक पहुंचाना, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तंत्र को विकसित करना, वर्तमान में प्रदेश की फसल सघनता वर्ष 2023 के आंकड़ों के अनुसार 182 प्रतिशत है और इसे 250 प्रतिशत तक किया जाएगा।
प्रत्येक ग्राम पंचायत को आधुनिक कृषि मशीनरी की सुविधा से संपन्न किया जाएगा और 75 प्रतिशत मशीनीकरण को सुनिश्चित किया जाएगा। गन्ने के साथ सरसों, धनिया, मसूर, उड़द, मूंग आदि फसलों से लगभग 14.5 लाख हेक्टेयर की अतिरिक्त खेती से किसानों की आय को बढ़ावा दिया जाएगा। जीवांश कार्बन 1.0 कर कृषि की उपज में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ दीर्घकालिक कृषि स्थिरता को बढ़ावा दिया जाएगा। हरी खाद, कंपोस्ट एवं जैव उर्वरकों का प्रयोग कराते हुए मृदा जीवांश कार्बन स्तर 0.3 से 1.0 तक बढ़ाया जाएगा। यही नहीं प्रदेश की 30 लाख हेक्टेयर बंजर व ऊसर भूमि को उपचार कर कृषि योग्य बनाया जाएगा। इस भूमि में दलहन, तिलहन व अन्य फसलों का उत्पादन किया जा सकेगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि पांच वर्षों में पांच बीज पार्क स्थापित होंगी और उसके बाद चार अन्य बीज पार्कों की भी स्थापना होगी। हर खेत में मेंड और हर मेंड पर पेंड को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों की आय को तीन गुना बढ़ाया जाएगा। कीटनाशी रसायनों के प्रयोग में 25 प्रतिशत तक कमी लाई जाएगी।
पेस्ट मानीटरिंग एवं सर्विलांस, एग्रीटेक का विस्तार
किसानों को फसल में खरपतवार व कीट और विभिन्न रोगों से बचाने के लिए पेस्ट मानीटरिंग एवं सर्विलांस सिस्टम और एग्रीटेक का विस्तार किया जाएगा। ड्रोन व रिमोट सेंसिंग आधारित एकीकृत एग्री डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर मौसम आधारित सूचनाएं तत्काल किसानों को मिलें इस पर जोर दिया जाएगा।
कृषि नवाचार केंद्र बनेंगे, उच्च मूल्य वाली फसलों का विस्तार
प्रदेश में वैश्विक शोध के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कृषि नवाचार केंद्र बनेंगे। वहीं उच्च मूल्य वाली फसलें जैसे चिया, रामदाना और मखाना के फसल क्षेत्र को पांच लाख हेक्टेयर तक विस्तार दिया जाएगा। निर्यात व प्रसंस्करण कलस्टर स्थापित कर वैश्विक मांग के अनुसार फसलें उगाई जाएंगी। फसल बीमा का लाभ अधिकतम किसानों को दिलाने और किसानों को नवीन कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।




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